आरोपी आलोक उर्फ विजय कुमार के बारे में सूचना मिली कि वह बिहार पटना के कृष्णा नगर थाना अंतर्गत आदर्श कॉलोनी रोड नंबर-1 में रह रहा है। घेराबंदी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी आलोक उर्फ विजय कुमार ने बताया कि अंतराज्यीय गिरोह का सरगना अजीत प्रताप सिंह उर्फ अमन है। योजना के तहत वर्ष 2007 से नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजी करने का काम कर रहे हैं। वर्ष 2019 में वाराणसी में 8 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर 41 लाख रुपये लिए थे।
सिगरा थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरोह सहित वाराणसी छोड़कर भुवनेश्वर और हैदराबाद में ऑफिस खोलकर दक्षिण भारत के काफी अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजी कर रहे थे।
एसटीएफ की पूछताछ में जालसाज ने बताया कि वह संबंधित विभाग के कार्यालय के परिसर के पास किराए पर कमरा लेकर वहां इन अभ्यर्थियों को दो-तीन माह का प्रशिक्षण कराते थे और इसके बाद अभ्यर्थियों के बैंक खाते में इन्हीं के पूर्व में लिये गये पैसे में से तीन माह तक 25-25 हजार रुपये वेतन के नाम पर भेजते थे।
इससे इन अभ्यर्थियों को यह आभास होता था कि उनकी वास्तव में नौकरी मिल गयी है और ये अभ्यर्थी अपने परिचित अन्य अभ्यर्थियों को इनसे मिलवा देते थे। इस तरह से जब ठगी से काफी पैसा एकत्रित हो जाता था, तब यह गायब हो जाते थे।