प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर इलाज सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तीन फिजियोथेरेपी सेंटर खोलने की योजना है। इसमें लखनऊ, वाराणसी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को चयनित किया गया है। इसके साथ ही खिलाड़ियों के किट के लिए मिलने वाले भत्ते में भी वृद्धि की जा रही है।
उक्त बातें खेल, युवा कल्याण तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विभाग के मंत्री चेतन चौहान ने पराड़कर भवन में रविवार को बातचीत के दौरान बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षुओं की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
स्कूल-कॉलेजों में खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षक भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए विद्यालयों को खेल विभाग को आवेदन देना होगा। इसके साथ ही हर जिले में खेल को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शहरी और ग्राम स्तर पर खेलों का आयोजन कराए जाने की योजना है।
खिलाड़ियों को नौकरी के लिए कई अन्य विभागों में स्पोर्ट्स कोटा लाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत नौ विभागों को जोड़ने का प्रारुप तैयार किया गया है। स्पोर्ट्स हॉस्टल में रहने वाले खिलाड़ियों के भत्ते को एक हजार रुपये से बढ़ाकर ढाई हजार रुपये कर दिया गया है।
संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा को इंटरनेशनल बनाने के सवाल पर मंत्री चेतन चौहान ने गोलमोल जवाब दिया। उनका कहना था कि बनारस में हर चीज इंटरनेशनल होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की संभावनाओं के सवाल पर उनका कहना था कि इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। हम लोग इस दिशा में पहल कर रहे हैं।