वाराणसी के विजयनगरम मार्केट स्थित लक्ष्मीनारायण लॉज में सौ नंबर कमरे में ठहरे मनजीत घोष (27) ने फंदा लगाकर जान दे दी। गुरुवार को होटल मैनेजर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
परिजनों से बातचीत कर पुलिस ने बताया कि पत्नी से चल रहे मुकदमे और विवाद से आजिज आकर मनजीत ने आत्महत्या की है। हालांकि मनजीत बनारस क्यों आया, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिला निवासी मनजीत पश्चिम बंगाल रोडवेज में कंडक्टर के तौर पर काम करता था। लॉज के मैनेजर के अनुसार मनजीत ने नौ जुलाई की रात कमरा बुक कराया। इसके पहले 30 जून को भी मनजीत लॉज में आकर ठहरा था।
गुरुवार की सुबह मनजीत के कमरे की सफाई करने के लिए होटल स्टाफ इंद्रजीत ने दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी नहीं खुला तो सूचना सिगरा थाने पर दी गई।
सिगरा पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो मनजीत पंखे के सहारे फंदे से लटका हुआ था। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिगरा ने बताया कि युवक के पास से बरामद कागजात की मदद से उसके नाम और पते की तस्दीक कर परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।