कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सत्ता की संवेदनशीलता और सनातन के प्रति उसकी वास्तविक सोच पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। स्थानीय पुलिस बटुकों का शिखा नोचकर, बुजुर्ग संतों को लाठियों पीट रही है, यह अति निंदनीय है। जो सरकार खुद को गौ रक्षा और सनातन की रक्षक बताती है, उसी सरकार में उत्तर प्रदेश गौ मांस का सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। यह सरकार की कथनी और करनी के बीच का सबसे बड़ा विरोधाभास है।
अजय राय ने मणिकर्णिका घाट को लेकर भी सियासी तीर छोड़े। कहा कि सौंदर्यीकरण के नाम पर इस पवित्र घाट की मूल आत्मा को ही नुकसान पहुंचाया गया। मणिकर्णिका केवल एक घाट नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सनातन धर्म की आस्था का केंद्र और मोक्ष का द्वार माना जाने वाला तीर्थ स्थल है।
हम मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते है कि यदि मूर्ति से जुड़ा वीडियो एआई जनरेटेड है, तो उसके ठोस और सबूत सार्वजनिक किए जाएं। मूर्ति दिखा दी जाए कि वह कहा रखी गई है। एक तरफ सरकार के मंत्री और अधिकारी स्वयं मूर्ति टूटने की बात स्वीकार कर रहे हैं, दूसरी तरफ उसी मामले को एआई वीडियो बताया जा रहा है। यह विरोधाभास सरकार की नीयत और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम कांग्रेसजन एक स्वर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में आवाज बुलंद कर और गौ रक्षा व सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लेते हैं। संतों का अपमान, गौ माता की उपेक्षा, मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र तीर्थ स्थल की आत्मा से छेड़छाड़ और उत्तर प्रदेश का गौ मांस निर्यात में सबसे आगे होना, ये सब इस सरकार के सनातन विरोधी चेहरे को उजागर करते हैं।
गौ पूजन में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, सतनाम सिंह, मनीष मोरोलिया, चंचल शर्मा, विजय देवल, हसन मेहदी कब्बन, नरसिंह दास वर्मा, मनोज वर्मा मनू, अब्दुल हमीद डोडे, धीरज सोनकर, किशन यादव, आनंद चौबे, अनिल पटेल, कृष्णा गौड़, रामजी गुप्ता, अश्वनी यादव, विकास पांडेय, शिव नारायण सिंह, प्रमोद यादव, पप्पू यादव, अनिल सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।