जौनपुर में ईशा हास्पिटल के संचालक डा. रजनीश श्रीवास्तव से झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी के नाम पर दो करोड़ रूपए की रंगदारी मांगने वाले दो बदमाशों को लखनऊ की एसटीएफ ने लाइन बाजार पुलिस के सहयोग से मंगलवार को वाजिदपुर दक्षिणी से गिरफ्तार किया। बदमाशों के दो सहयोगियों की तलाश की जा रही है। बदमाशों से आठ लाख 90 हजार रुपए बरामद किए गए।
डा. रजनीश के पास 26 मई को एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि मुन्ना बजरंगी बोल रहा हूं, मुझे जेल से निकलने के लिए दो करोड़ रुपये की आवश्यकता है। जेल से निकलने के बाद सांसद बन जाऊंगा। रुपया नहीं दिए तो तुम्हारी पत्नी और तुम्हारी हत्या करवा दूंगा।
इसके बाद डरकर डाक्टर ने 15 लाख रुपये बदमाशों को दे दिए। उसके बाद उन्होंने चार जून को लाइन बाजार थाने में केस दर्ज कराया, जिसमें 15 लाख देने की बात स्वीकार की। उसके बाद पुलिस और एसटीएफ लखनऊ बदमाशों की तलाश में जुट गई।
काल डिटेल और आडियो रिकार्डिंग की जांच पड़ताल के बाद बदमाशों का लोकेशन वाजिदपुर के पास मिला तो एसटीएफ और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बदमाशों ने अपना नाम सुभ्रांशु सिंह उर्फ सिब्बू और प्रशांत सिंह उर्फ बीपी बताया। दोनों रामपुर थाने के दमोदरा के रहने वाले हैं।
उन्होंने पूछताछ में बताया कि साजिश में उनके दो साथी पट्टी जमालापुर निवासी विनीत सिंह उर्फ सौरभ सिंह और दमोदरा रामपुर निवासी सुधांशू सिंह उर्फ रिशू भी शामिल थे। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार बदमाशों से बदमाशों के पास से आठ लाख 90 हजार नकद, दो मोबाइल, एक बाइक बिना नंबर की बरामद किया गया है।
एसपी सिटी अनिल पांडेय ने मंगलवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि इस गिरफ्तारी में एसटीएफ के इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय, टीडी कालेज चौकी इंचार्ज विनोद सिंह, एसटीएफ के एसआई विनय कुमार सिंह का सहयोग रहा।