सूचना पाकर अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय सुभाष चंद्र दुबे, डीसीपी वरुणा और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। जौनपुर निवासी परिजनों को सूचना दी गई। शाम में बड़ा बेटा शिवम और अन्य परिजन बदहवाश हाल में बनारस पहुंचे।
इस संबंध में अपर पुलिस आयुक्त सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि अनिल 1991 बैच का सिपाही था, दो दिनों से इसकी ड्यूटी एक मंत्री की सुरक्षा में लगाई गई थी। कारबाइन में लोड पांच गोली पेट के आरपार हो गई। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
सशस्त्र पुलिस बल में तैनात अनिल राय के बक्से की तलाशी ली गई तो 65 गोलियां बरामद हुईं। इसके अलावा मोबाइल को भी जब्त करते हुए पुलिस जांच कर रही है। पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ने वाले शिवम और ग्रेजुएशन करने वाले प्रियांशु दो बेटे हैं। पत्नी साधना और मां घर पर है।
मानसिक दबाव और परिस्थितियों से जूझते हुए सिपाही आत्महत्या कर रहे हैं। अनिल राय की आत्महत्या से पहले पुलिस लाइन में दो और सिपाही आत्महत्या कर चुके हैं। 21 सितंबर को पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल बब्बन राम ने बैरक में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
बलिया निवासी बब्बन की आत्महत्या से पहले पंचायत चुनावी ड्यूटी के दौरान 26 अप्रैल 2021 को पुलिस लाइन के सिपाही विनोद कुमार ने चौकाघाट स्थित रोडवेज बस में रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लिया था। विनोद सोनभद्र का निवासी था।
हफ्ते भर पूर्व पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में दरोगा चंद्र देव राम की बहू ने नौ अक्तूबर को सास से विवाद के बाद आग लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में दरोगा पुत्र जितेंद्र को पुलिस ने दो दिन बाद गिरफ्तार किया था।