बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए छुट्टी न मिलने पर यूपी पुलिस के सिपाही ने एसपी को इस्तीफा भेज दिया। मामला मिर्जापुर जिले के अदलहाट थाने का है। इस थाने में तैनात सिपाही राज बहादुर यादव का इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सिपाही को छुट्टी दे दी गई।
इस मामले में प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि राजबहादुर यादव 24 नवंबर से ही छुट्टी पर है। उसका आरोप पूरी तरह से निराधार है। सिपाही राजबहादुर यादव अदलहाट थाने में तैनात है। पुलिस अधीक्षक को भेजे अपने पत्र मेें उसने लिखा कि उसकी पत्नी हृदय रोग से पीड़ित है। उसका इलाज वाराणसी में चल रहा है। जांच के लिए बीच-बीच में चिकित्सक के यहां ले जाना पड़ता है।
दीपावली के बाद उसे डाक्टर के यहां जांच के लिए ले जाना था लेकिन छुट्टी नहीं मिली। दीपावली बीत जाने पर प्रभारी निरीक्षक से छुट्टी मांगी तो उन्होंने यह बोलकर छुट्टी देने से इंकार कर दिया कि वह इस बारे में सोच रहे हैं। हर बार यही कहकर छुट्टी देने से मना किया।
आरोप है कि 19 नवंबर को सिपाही दोबारा छुट्टी मांगने पहुंचा तो प्रभारी निरीक्षक ने उससे कहा कि छुट्टी की जगह इस्तीफा लिखकर दे दो। तुरंत मंजूर करवा दूंगा
राज बहादुर यादव ने उसी दिन पुलिस अधीक्षक के नाम पत्र लिखा और घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए इस्तीफा मंजूर करने की पेशकश कर दी। पत्र वायरल होने के बाद उसे 24 नवंबर को छुट्टी दी गई। पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक शालिनी ने कहा कि जिस वक्त सिपाही ने छुट्टी मांगी थी, उस वक्त एसएचओ की ड्यूटी शहर में लगाई गई थी। अगर उसको छुट्टी नहीं मिली तो उसको सीओ एवं एएसपी के यहां शिकायत करनी चाहिए थी। फिलहाल सिपाही को छुट्टी दे दी गई है। वह अवकाश पर है।
सिपाही ने पत्र में ये लिखा
सिपाही राज बहादुर यादव ने पुलिस अधीक्षक शालिनी को भेजे अपने इस्तीफे को अवकाश न मिलने के कारण त्याग पत्र मंजूर करने के संबंध में प्रतिवेदन विषय से लिखा है। पत्र में राज बहादुर ने कहा, ‘निवेदन है कि प्रार्थी की पत्नी ह्दय रोग से पीड़ित है। दवा इलाज वाराणसी से चल रहा है। पेस मेकर लगा हुआ है। डाक्टर की सलाह पर बीच-बीच में मशीन को चेक कराना पड़ता है।
दीपावली त्योहार के बीत जाने के बाद से प्रभारी निरीक्षक से अवकाश मांगा जा रहा है। लेकिन प्रभारी निरीक्षक बोल रहे हैं कि अभी छुट्टी देने के बारे में सोचूंगा। इस तरह अवकाश के लिए कई बार प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने सिर्फ एक ही उत्तर दिया कि अभी सोच रहा हूं।
पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण एवं अवकाश न मिलने से डाक्टर को नहीं दिखा पा रहा है। 19 नवंबर को दोबारा अवकाश के लिए पेश हुआ तो प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि क्या करोगे छुट्टी लेकर। अपना इस्तीफा लिखकर ले आओ। अभी मंजूर करा देंगे।’