जहां नाइट अफसर सूर्यवंश यादव ने चाय पीने के लिए कहा तो यशवंत ने इंकार कर दिया और जीप के अंदर ही बैठे रहे। अचानक कुछ ही देर बाद जैसे ही सभी पुलिसकर्मी जीप से उतरकर चाय पीने दुकान पर पहुंचे थे कि यशवंत ने अपनी सरकारी पिस्टल से कनपटी में गोली मार ली।
गोली की आवाज सुनते ही साथी पुलिसकर्मी भाग कर पहुंचे तो ड्राइविंग सीट पर यशवंत लहूलुहान हाल में अचेत थे। सिर का एक हिस्सा उखड़ गया था। नाजुक हालत में साथी पुलिसकर्मियों ने यशवंत को बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
जीप चालक के इस कदम से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तुरंत उच्चाधिकारी और आसपास थाने की फोर्स बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंची। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश, डीसीपी काशी आरएस गौतम, एडीसीपी काशी राजेश पांडेय, एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार व एसीपी कैंट रामलखन सिंह यादव सहित अन्य पहुंचे। सूचना पाकर आजमगढ़ से परिजन भी बीएचयू पहुंचे। परिजनों से पुलिस आयुक्त ने बातचीत की।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे पुलिस आयुक्त
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पत्नी नंदा देवी और बड़े बेटे पीयूष सिंह ने पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश को बातचीत में बताया कि लालपुर-पांडेयपुर थाना प्रभारी निरीक्षक द्वारा यशवंत को प्रताड़ित किया जाता है, छोटे बेटे की तबीयत खराब चल रही है, इसलिए वह पिछले दिनों छुट्टी पर घर आए थे और आगे भी आने के लिए प्रयासरत थे लेकिन छुट्टी नहीं दी गई।
बेटे पीयूष ने बताया कि पिता ने सुबह ही व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा। इसके बाद ही उनके इस कदम के बारे में सूचना मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि थाने से हमेशा वो प्रताड़ित किए जाते थे। पुलिस आयुक्त ने इस प्रकरण पर जांच बैठा दी है।
लालपुर-पांडेयपुर थाने के पुलिसकमियों में इस बात की चर्चा जोरों पर रही कि थाना प्रभारी निरीक्षक का क्षेत्र में ही मकान निर्माण हो रहा है। उसमें यशवंत सिंह काफी सहयोग कर रहे थे, बावजूद थाना प्रभारी ने छुट्टी नहीं दी।
बेटी की हो चुकी है शादी, तीन हैं बेटे
साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार यशवंत की चार संतान हैं। जिसमें तीन बेटे और एक बेटी है। बेटे पीयूष, प्रियांशु, हिमांशु और बेटी ज्योति है। बेटी ज्योति की शादी दो साल पूर्व हो चुकी है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में सिपाही यशवंत को भर्ती कराया गया है।