पंचायत के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि पहले ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रधानों को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार था। लेकिन 2005 से यह अधिकार मतदाताओं के पास चला गया है। यही कारण है कि ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रति लोगों का रुझान कम रहता है। पिछले चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्यों की 2440 सीटें रिक्त रह गई थी। गांव के विकास के लिए युवाओं को अधिक से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य पद पर नामांकन करना चाहिए ताकि अपने गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। साथ ही चुनाव आयोग की मंशा भी साकार हो जिसमें रिक्त सीटों की संख्या शून्य रहे।
ग्राम पंचायतों में 9 से 15 के बीच होती है सदस्यों की संख्या
किसी भी ग्रामसभा में 2000 या उससे अधिक की जनसंख्या का होना आवश्यक है। हर गांव में एक ग्राम प्रधान होता है। 1000 तक की आबादी वाले गांवों में 9 ग्राम पंचायत सदस्य, 2000 तक में 11 तथा 3000 की आबादी तक 15 सदस्य होने चाहिए। ग्राम सभा की बैठक साल में दो बार होनी जरूरी है। इसकी सूचना 15 दिन पहले नोटिस के माध्यम से देनी होती है। ग्रामसभा की बैठक बुलाने का अधिकार ग्राम प्रधान को होता है। बैठक के लिए कुल सदस्यों की संख्या के 5वें भाग की उपस्थिति जरूरी होती है।