वाराणसी नगर निगम के सदन में भाजपा मजबूत बनी है। पार्टी के सबसे ज्यादा पार्षद जीतकर मिनी सदन पहुंचे हैं। अब कोई भी प्रस्ताव पास कराने में पार्टी को दिक्कत नहीं आएगी। इस चुनाव में बसपा का सूपड़ा साफ हो गया। वाराणसी नगर निगम में 100 वार्ड हैं। मिनी सदन में बहुमत के लिए 51 पार्षदों का जीतना जरूरी होता है, लेकिन इस बार सारे रिकार्ड टूट गए।
नगर निगम के इतिहास में यह पहला मौका है, जब भाजपा के 63 पार्षद चुनाव जीते हैं। ऐसा नगर निगम के गठन के बाद से नहीं हुआ था। 1995 से 2022 तक नगर निगम में बहुमत की सरकार नहीं बन सकी थी। इस बार सपा और कांग्रेस को सीटों का नुकसान हुआ है। निर्दलीयों की संख्या में दो सीटों की बढ़ोतरी हुई है। नगर निगम के पार्षदों के चुनाव में भाजपा को 23 सीटों का फायदा हुआ है।
2017 में पार्टी के 40 पार्षद चुनाव जीते थे। इस बार यह संख्या 63 पहुंच गई है। कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस के 21 पार्षद चुनाव जीतकर आए, लेकिन इस बार आठ पार्षद प्रत्याशी ही चुनाव जीत सके हैं। सपा को भी एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार 13 पार्षद प्रत्याशी चुनाव जीत पाए हैं। यह संख्या पिछली बार 14 थी।