हबीबपुरा के राजेश कुमार का कहना है कि इनका नाम मतदाता सूची में है। जबकि भाई, पत्नी और बहन का नाम मतदाता सूची से गायब रहा। प्रदीप गुप्ता केअनुसार इनका और पत्नी का नाम मतदाता सूची में था जबकि बेटे बेटियों का नाम गायब रहा। हबीबपुरा के सुनील गुप्ता की मृत पत्नी और मृत माता का नाम था। जबकि, परिवार के जीवित बालिग व्यक्तियों का नाम सूची से गायब रहा।
सुंदरपुर में शिवनाथ के अनुसार उनके घर में 12 मतदाता हैं। लेकिन केवल इस बार उनका नाम मतदाता सूची में है जबकि पत्नी, बेटे, बहू का नाम मतदाता सूची से गायब है। उनके पास एक ऑनलाइन पर्ची थी लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं था। सुंदरपुर केवंशुलाल केअनुसार इनका नाम आनलाइन पर्ची में था लेकिन सूची में नहीं था। इनके परिवार के सदस्यों का नाम नहीं रहा।
महेशपुर कॉलोनी के200 से अधिक लोगों की मतदाता सूची में नाम के आगे लाल पेन चलाया गया था। जिसके चलते वे वोट नहीं डाल पाए। लहरतारा में रविप्रकाश, हेमंत, अनुज, ककरहिया की रीता, गणेश का नाम मतदाता सूची से गायब रहा। चुनाव कार्यालय के अनुसार दरअसल वार्डों की संख्या बढ़ी और परिसीमन भी बढ़ा।
मौजूदा सूची 2017 के निकाय चुनाव और 2015 के पंचायत चुनाव को मिलाकर बनाई गई है। इस नाते यह दिक्कत आई है। लोगों को नामांकन के अंतिम दिन तक नाम बढ़वाने का मौका दिया गया था। मतदाता सूची में नाम देखने के लिए सूची जोनल कार्यालयों पर उपलब्ध कराई गई थी।