उम्मीदवार निर्धारित व्यय सीमा से अधिक खर्च नहीं करेंगे। चुनाव प्रचार के लिए किसी व्यक्ति की भूमि, भवन, दीवार का उपयोग झंडा, बैनर आदि कार्य उस व्यक्ति की अनुमति के बिना नहीं करेंगे। चुनाव प्रचार रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। वहीं टीवी चैनल, वीडियो वाहन, रेडियो या विज्ञापन का प्रचार जिला प्रशासन की अनुमति के बाद ही कर सकेंगे। मतदान समाप्त होने के निर्धारित 48 घंटे पूर्व सार्वजनिक सभा व चुनाव प्रचार बंद कर दिया जाएगा। नि
र्वाचन के दौरान सत्ताधारी दल के मंत्री शासकीय दौरों को चुनाव प्रचार कार्य से नहीं जोड़ेंगे और न ही शासकीय तंत्र या कर्मचारियों का उपयोग करेंगे। कानून व्यवस्था या सुरक्षा के लिए तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को छोड़कर अन्य अधिकारी व कर्मचारी किसी भी सभा या आयोजन में सम्मिलित नहीं होंगे न ही किसी मंत्री के साथ चुनाव क्षेत्र में उनके साथ जाएंगे।
वाराणसी में पहले चरण यानी चार मई को नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे। इसकी अधिसूचना रविवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी कर दी है। नगर निगम और नगर पंचायत के मेयर, पार्षद, अध्यक्ष व सभासदों के आरक्षण में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। 30 मार्च को जारी आरक्षण की सूची यथावत रखी गई है। इस चुनाव में 16.11 लाख 490 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने आरक्षण की जो सूची जारी की है, उसके मुताबिक नगर निगम में मेयर और पार्षदों के आरक्षण में किसी का बदलाव नहीं है। मेयर का पद अनारक्षित ही रहेगा। इस पद के लिए कोई भी चुनावी ताल ठोंक सकता है। 100 वार्डों के आरक्षण में भी किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इसी तरह गंगापुर नगर पंचायत अध्यक्ष का पद पहले की तरह पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है। 10 वार्डों के आरक्षण में भी किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है।