चुनाव की सरगर्मी तेज होने के साथ ही यहां भाजपा और बसपा ने अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है। हालांकि सपा ने यहां अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर को टिकट दिया है जबकि बसपा ने पूर्व सैनिक लल्लन यादव पर दांव लगाया है।
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इस बार 25,11,065 मतदाता चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1351816 पुरुष और 1159141 महिला मतदाता हैं। पुरुषों से थोड़ी कम ही महिला वोटरों की संख्या है।
एक सच यह भी है हर दल को महिलाओ का वोट तो चाहिए मगर जब टिकट देने की बारी आती है तो किसी भी दल की प्राथिमकता में महिला कैंडिडेट नहीं होती। पुराना रिकॉर्ड तो यही बता रहा है।
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46 फीसदी से अिधक महिला वोटर होने के बावजूद आज तक इस सीट पर एक भी महिला सांसद नहीं चुनी गई। चुनाव में टिकट के मामले में इनकी भागीदारी पर सभी दल बातें तो बड़ी करते हैं, लेकिन टिकट देने के वक्त सभी बातें हवा-हवाई हो जातीं हैं। सभी प्रमुख दल आधी आबादी को कमजोर आंकते हुए इनको टिकट देने से कतराते हैं।
महिला मतदाताओं की स्थिति
विधानसभा
कुल मतदाता
महिला मतदाता
बेल्थरारोड
367003
169807
रसड़ा
364468
168447
सिंकदरपुर
308601
143620
फेफना
329158
152170
बलिया नगर
364703
165890
बांसडीह
410743
190220
बैरिया
366389
168987
बलिया का हाल
2019 के लोकसभा चुनाव में जनता क्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) की सीमा चौहान को 2,453 मत मिले थे।
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सुधा राय को 13,501 मत मिले थे।
1996 में निर्दलीय जानकी को 3397 मत मिले थे।
1984 में निर्दलीय कमला रानी सिंह को 2185 मत मिले थे।
चंदौली में हमेशा शीर्ष राजनीतिक दलों का ही रहा है दबदबा
वहीं, चंदौली सीट पर 1952 से लेकर 2019 तक हुए लोकसभा चुनाव में हमेशा शीर्ष राजनीतिक दलों का ही दबदबा रहा है। सपा, भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर यहां एक बार भी कोई छोटे दल के प्रत्याशी या फिर निर्दलीय प्रत्याशी नहीं जीत पाए हैं। जबकि हर चुनाव में इनकी संख्या 10 या उससे ज्यादा रही है।
चंदौली लोकसभा में मुगलसराय, सकलडीहा, सैयदराजा, अजगरा और शिवपुर विधानसभा सीट हैं। इसमें कुल वोटर 18,26,437 है। इसमें पुरुष 9,78,574 जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 8,47,793 हैं। 70 ट्रांसजेंडर भी मतदान करेंगे। वर्ष 2019 के चुनाव में कुल 60.22 प्रतिशत लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस बार सबसे अंतिम चरण में एक जून को जिले में मतदान होना है। चुनाव के लिए भाजपा, सपा, बसपा के प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है।
इस बार कुल कितने प्रत्याशी चुनाव में भाग्य आजमाएंगे यह तो नामांकन के बाद पता चलेगा लेकिन यदि जिले का इतिहास देखें तो यहां हर बार लोकसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला बड़ी पार्टियों के बीच ही रहा है। छोटे और निर्दलीय प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा पाते हैं लेकिन हर बार चुनाव लड़ते हैं। वर्ष 2019 में कुल 14 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था। इसमें भाजपा के डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय को 47.02 प्रतिशत जबकि सपा के संजय चौहान को 45.74 प्रतिशत मत मिले। जन अधिकार पार्टी की शिवकन्या कुशवाहा को 2.05 प्रतिशत मत मिले। अन्य 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।