गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव नजर आ रहा है। नवंबर 22 में भारत ने स्वनिर्मित रॉकेट विक्रम एस अंतरिक्ष में छोड़ा है। प्रधानमंत्री ने 2023 को मिलेट वर्ष के रूप में मनाने की बात कही थी और यूएन ने इसे घोषित भी कर दिया। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जाए। पहले हम मोटा अनाज उगाते थे और खाते भी थे। हमने जबसे इसे उगाना और खाना छोड़ दिया, बीमारियों ने हमें घेर लिया है।
उन्होंने विश्वविद्यालय के कृषि संकाय से मोटे अनाज उगाने के साथ ही विद्यार्थियों और किसानों को जैविक खेती और मोटे अनाज के उत्पादन की जानकारी देने को कहा।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि जी-20 देशों के पास विश्व की 80 फीसदी संपत्ति है और इस बार भारत को अध्यक्षता का मौका मिला है। यूपी में लखनऊ, वाराणसी, नोएडा और आगरा में एक दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक इसकी बैठकें होंगी। इसमें पर्यावरण, संस्कृति, स्वास्थ्य, शिक्षा को आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा।
आप सभी जी-20 की तैयारी करिए। काशीवासियों को गर्व होना चाहिए कि उनके सांसद व प्रधानमंत्री की पहल से अब देश का स्वरूप बदल रहा है। भारत आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार कर रहा है।