उन्होंने बताया कि बनारस मंडल में 200 करोड़ रुपए का मछली कारोबार होता है। प्रदेश में 6.9 मीट्रिक टन मछली उत्पादन होता है। पूर्वांचल में पश्चिमांचल की अपेक्षा कम उत्पादन होता है। इस साल उत्पादन लक्ष्य 8 मीट्रिक टन रखा गया है। यूपी की क्षमता 11.50 मीट्रिक टन की है। 2022 तक इसे 12 मीट्रिक टन तक पहुंचाया जाएगा।
कोरोना में मुर्गा-बकरे की अपेक्षा मछली की खपत अधिक हुई। आने वाले दिनों में मछली पालन से महिलाओं को जोड़ा जाएगा ताकि उनकी आय बढ़ सके। 24 नवंबर को एक एप का भी लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होना है।