यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों का संकट गहरा सकता है। वित्तविहीन शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने से मना कर दिया है। पिछले साल की गई परीक्षा ड्यूटी का मूल्यांकन न मिलने से वित्तविहीन शिक्षक खफा है। इसे लेकर अधिकारियों के माथे पर भी बल पड़ गया है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में 2300 वित्तविहीन शिक्षकों की ड्यूटी इस बार लगाई है। ऐसे में अगर वो अपने ऐलान पर कायम रहते हैं तो बोर्ड परीक्षा के दौरान समस्या खड़ी हो सकती है। तीन फरवरी को क्वींस इंटर कॉलेज में होने वाली केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक में इस पर भी चर्चा होगी।
यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए तीन फरवरी को दोपहर दो बजे से राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में बैठक होगी। बैठक जिलाधिकारी लेंगे जिसमें केंद्र व्यवस्थापकों के साथ सभी जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और उड़ाका दल के सदस्य मौजूद रहेंगे।
इधर, यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की कवायद और तेज कर दी गई है। इसके लिए 122 अतिरिक्त वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों की नियुक्ति की गई है। ये व्यवस्था स्वकेंद्र वाले विद्यालयों में रहेगी। 142 परीक्षा केंद्रों में से 122 केंद्रों पर स्वकेंद्र की सुविधा दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से इन सभी विद्यालयाें में अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन कराने की जिम्मेदारी डीएम, डीआईओएस और जेडी को सौंपी है। इस लिहाज से अधिकारियों की ओर से यह व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। 122 विद्यालयों में केंद्र व्यवस्थापकों के अलावा अतिरिक्त वाह्य केंद्र व्यवस्थापक नकल पर नजर रखेंगे। उधर गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ओपी राय ने तीन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।