जेपी मेहता इंटर कॉलेज में तालाबंदी, नहीं जंची कापियां
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की कापियों के चल रहे मूल्यांकन का रविवार को वित्तविहीन शिक्षकों ने वाराणसी के जेपी मेहता इंटर कॉलेज में तालाबंदी कर विरोध किया। इस दौरान शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्र पर प्रदर्शन कर मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल उठाया। कहा कि मांगें पूरी न होने तक मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रहेगा।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी के नेतृत्व में वित्तविहीन शिक्षकों ने नौवें दिन मूल्यांकन का बहिष्कार किया। रविवार को सुबह केंद्र पर पहुंचे विधायक ने यहां तालाबंदी कर शिक्षकों के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस वजह से मूल्यांकन कार्य ठप रहा।
विधायक ने बताया कि अयोग्य शिक्षकों से मूल्यांकन कराया जा रहा है, यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़। इस दौरान बीके शुक्ला, महासचिव प्रमोद शुक्ला, मनोज गुप्ता, जयशंकर दूबे, भानुशंकर त्रिपाठी, सुधांशु त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
उधर, सूचना पाकर मौके पर पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने मनाने का प्रयास किया लेकिन शिक्षक नहीं माने। डॉ. राय ने बताया कि शाम को कुछ शिक्षकों से कापियां जंचवाई गई।
कॉलेजों ने नहीं भेजी आंतरिक मूल्यांकन रिपोर्ट
जेपी मेहता इंटर कॉलेज में तालाबंदी, नहीं जंची कापियां
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यूपी बोर्ड की परीक्षा में पूर्वांचल के 438 ऐसे जिले हैं, जिन्होंने अब तक माध्यमिक शिक्षा परिषद को अपना आंतरिक मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं भेजा है। परिषद की ओर से ऐसे विद्यालयों की जिलेवार सूची जारी की गई है। इसमें सबसे अधिक हाईस्कूल में गाजीपुर जिले में 49, इंटर में 52 कॉलेज शामिल हैं।
इसके अलावा हाईस्कूल में आजमगढ़ 21, मऊ 12, बलिया 23, बनारस 21, सोनभद्र 2 और चंदौली-भदोही और मिर्जापुर के 1-1 कॉलेज है। इंटर में बनारस 7, जौनपुर 28, बलिया 33, मऊ 11, आजमगढ़ 16, चंदौली-भदोही-मिर्जापुर-सोनभद्र के 1-1 कॉलेज का नाम शामिल हैं।
इसके अलावा पूर्वांचल के अन्य जिलों में इंटर में गोरखपुर 14, सिद्धार्थनगर-महाराजगंज 4-4, बस्ती 5, देवरिया 29 और कुशीनगर में 8 कॉलेज जबकि हाईस्कूल में गोरखपुर 12, संतकबीरनगर-बस्ती 4-4, महराजगंज 2, देवरिया 25, कुशीनगर के 9 कॉलेजों ने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है।