शनिवार को नगर निगम सदन में हुआ था जमकर बवाल
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वाराणसी नगर निगम सदन से सड़क तक बवाल मामले में भाजपा पार्षदों ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय से मुलाकात की। इस दौरान पार्षदों ने घटना के लिए प्रशासन को दोषी ठहराते हुए डीएम और एसएसपी को हटाने की मांग की।
पार्षदों से प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महापौर और पार्षदों के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले में जो लोग दोषी होंगे उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को कमच्छा स्थित प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर पहुंचे पार्षदों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। भाजपा के वरिष्ठ नेता नरसिंह बाबा ने कहा कि सभी पार्षदों ने बारी-बारी से सांस्कृतिक संकुल में शनिवार को सदन से सड़क तक हुई घटना के बारे में बताया।
यही नहीं, जिला योजना समिति के चुनाव में सूचना के अभाव के बारे में भी जानकारी दी गई। इस पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मामला गंभीर है। महापौर और पार्षदों के सम्मान से समझौता नहीं होगा। जिन लोगों ने इस प्रकार की हरकत की है उन पर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जिला योजना समिति के चुनाव रद्द कराने की मांग को प्रदेश अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया। उन्होंने प्रदेश के चुनाव संयोजक जेपीएस राठौर से बात की। कहा कि इस मामले में वैधानिक पक्षों की जांच कर उचित फोरम पर शिकायत करें।
एफआईआर वापस नहीं हुई तो सड़क से संसद तक करेंगे आंदोलन
मेयर की कुर्सी गिराते विपक्षी पार्षद
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नगर निगम के कार्यकारिणी चुनाव के दौरान हुए हंगामे को लेकर विपक्ष की सभी पार्टी के नेताओं ने रविवार को प्रेसवार्ता की। नेताओं ने कहा कि जब तक पार्षदों पर की गई एफआईआर वापस नहीं की जाती तब तक आंदोलन चलता रहेगा। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर संसद तक भी आंदोलन किया जाएगा। सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि यह सारा कार्य पूर्वनियोजित था। जिसका हम लोग विरोध करते हैं।
पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि समिति के चुनाव के लिए बैठक महापौर की ओर से ही बुलाई गई थी और जिस सुनियोजित तरीके से इसे स्थगित किया गया है यह निंदनीय है। कार्यकारिणी समिति का चुनाव ना कराकर विकास की योजनाओं में मनमानी करने की रणनीति है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए हम लोग राष्ट्रपति से सोमवार को मुलाकात कर शिकायत करेंगे। सपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि बैठक बुलाने से 2 दिन पूर्व महापौर ने सभी दलों के पार्षदों को विश्वास में लेकर सर्वसम्मति से कार्यकारिणी की 12 सीटों पर अपना उम्मीदवार खड़ा करने और उन्हें निर्विरोध तरीके से निर्वाचित करने की बात कही। लेकिन 2 दिन पूर्व हुए राज्यसभा के चुनाव में भाजपा की कूटनीतिक चाल से प्रभावित हो गईं। इसलिए रातों-रात महापौर ने अपनी रणनीति बनाकर यह कार्य किया है।
सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव ने कहा कि बनारस की सड़कों पर जिस तरीके से चुने गए पार्षदों को भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस लाठियों से पीटकर थाने ले गई और फर्जी मुकदमे मे फंसाकर देर रात जेेल भेज दिया यह निंदनीय है।
सपा पार्षद दल के नेता कमल पटेल ने आरोप लगाया कि सदन की बैठक स्थगित किए जाने के बाद जब हम लोग लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे तो भाजपा के पार्षद पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने अपनी पिस्टल निकालकर मेरे ऊपर तान दी।
साथियों ने बीच बचाव कर मेरी जान बचाई। कांग्रेस पार्षद एवं महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी ने कहा कि सदन बुलाने का अधिकार महापौर को है लेकिन सदन को स्थगित करने का सम्मानित सदस्यों को है। इन नियमों की अनदेखी करते हुए तानाशाही रवैया अपनाया गया है।
सोशल मीडिया पर छाया रहा नगर निगम का हंगामा
मेयर की मेज, कुर्सी गिराते विपक्षी पार्षद
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नगर निगम के पार्षदों की बैठक के दौरान हुआ हंगामा, तोड़फोड़ और गिरफ्तारी का मसला सोशल मीडिया पर दूसरे दिन रविवार को भी छाया रहा। भाजपा, सपा और कांग्रेस से जुड़े लोगों ने अपना पक्ष रखा तो शहरवासियों ने समूचे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक अपरिपक्वता का परिणाम बताया।
सपा नेता मनोज राय धूपचंडी ने फेसबुक पर पोस्ट किया कि माननीय महापौर जी नियम विरुद्ध कार्यकारिणी का चुनाव आप टालियेगा और विरोध होगा तो मुकदमा भी कराइएगा। आपसी सामंजस्य को ठीक करिये।
आपसे पहले आदरणीय सरोज सिंह भी मेयर रहीं और सामंजस्य से शानदार पांच साल निकालीं। ई मुकदमा वगैरह से डर नहीं लगता हम लोगों को...। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अजय राय ने धीरज शुक्ला की फेसबुक पोस्ट को शेयर कर पार्षदों की गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज कराए जाने की घटना पर नाराजगी जताई।
वहीं, महापौर मृदुला जायसवाल के नाम से फेसबुक पर बने पेज और एकाउंट पर शनिवार को की गई पोस्ट पर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए घटनाक्रम को निंदनीय बताया।