बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि यह जैमर परीक्षा केंद्र के आसपास के क्षेत्र में मोबाइल सिग्नल को पूरी तरह से ब्लाॅक कर देते हैं। इससे व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिये पेपर लीक को रोका जा सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में तो जैमर का उपयोग पहले से हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार नई नियमावली के तहत यदि नकल करते हुए पकड़े जाते हैं तो आजीवन कारावास या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
अधिकारी बोले
यूपी बोर्ड से संबद्ध वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल में बनाए गए संवेदनशील केंद्राें पर विशेष निगरानी की जा रही है। जौनपुर और गाजीपुर के संवेदनशील केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए हैं। एसटीएफ भी लगाई गई हैं। 24 घंटे निगरानी कंट्रोल रूम से हो रही है। -विनोद राय, अपर सचिव