शालिनी पटेल अपनी मां के साथ
- फोटो : अमर उजाला
शालिनी ने जवाहर आदर्श इंटर कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई के बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से बीए व एमए प्रथम स्थान से उत्तीर्ण किया। शालिनी ने कहा कि मेहनत जीवन में बहुत जरूरी है। शुरुआती असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए। मां अनिता देवी और पिता ने हमेशा उत्साहवर्धन किया। माता-पिता उन्हें आईएएस अधिकारी देखना चाहते हैं और यह सपना पूरा करना ही उनका लक्ष्य है। शालिनी तीन बहन और एक भाई हैं। भाई सबसे बड़ा है। वह भी घर की आर्थिक जिम्मेदारी उठाता है।
शालिनी पटेल अपने परिवार के साथ
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शालिनी पटेल पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं में भी जुड़ी हैं। उन्होंने महामना मालवीय गंगा शोध केंद्र बीएचयू से ईको-स्किल्ड गंगा मित्र का भी प्रशिक्षण लिया है। संस्था के चेयरमैन प्रख्यात पर्यावरण वैज्ञानिक प्रो. बीडी त्रिपाठी का आशीर्वाद मिलता रहा। शालिनी कक्षा छह से ही घर पर स्थानीय बच्चों को निशुल्क ट्यूशन पढ़ाती आ रही हैं, जो आज भी जारी है।
मध्यम वर्ग परिवार से आने वाली शालिनी की पढ़ाई में पैसे का संकट कभी नहीं हुआ। माता-पिता का आशीर्वाद बच्चों पर सदैव बना रहा। शालिनी तीन बहन और एक भाई है। भाई सबसे बड़ा है। वो भी घर की आर्थिक जिम्मेदारी को उठाता है। शालिनी ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई-बहन और अध्यापकों को दिया।
बीएड प्रवेश परीक्षा में सातवां स्थान हासिल करने वाली अनामिका यादव ने बीएड प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोई ट्यूशन नहीं ली। घर पर ही कड़ी मेहनत कर प्रतियोगी सामग्री और यूट्यूब के जरिए पढ़ाई की। अनामिका ने कहा कि नियमित अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है।
लमही की अनामिका के पिता रामधनी यादव जनरल स्टोर चलाते हैं। अनामिका ने सुधाकर महिला महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की है। वह अपना कॅरिअर अध्ययन व अध्यापन में बनाना चाहती हैं। बताया कि प्रवेश परीक्षा के दौरान सभी प्रश्नपत्र अच्छे हुए थे। उम्मीद थी की उन्हें अच्छे स्थान प्राप्त होंगे। सफलता में माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद है।
बीएड प्रवेश परीक्षा में बरहनी गांव के ज्ञानेंद्र कुमार सिंह काको प्रदेश में छठवां स्थान प्राप्त हुआ है। शुक्रवार को परीक्षाफल जारी होने पर गांव में खुशियां मनाई गईं। ज्ञानेंद्र सिंह की प्राथमिक शिक्षा मां मंशा देवी पब्लिक स्कूल बरहनी से हुई। उन्होंने हाई स्कूल की परीक्षा 2017 और इंटर की परीक्षा 2019 में किसान इंटर कालेज बरहनी से और बीए वर्ष 2023 में बीएचयू से किया। उसके बाद उसने बीएड में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा में 350 अंक पाकर पूरे प्रदेश में छठवां स्थान हासिल किया है। उनके पिता प्रताप नारायण सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं और माता गृहिणी हैं। ज्ञानेंद्र की सफलता से उनके माता-पिता ही नहीं पूरा गांव गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
बरहनी ग्राम सभा से संबद्ध परसिया गांव निवासी मनोज सिंह की पुत्री अतिका सिंह ने भी बीएड प्रवेश परीक्षा में प्रदेश की जारी रैंक में 17 वां स्थान हासिल किया है। बेटी की सफलता से पिता मनोज व माता रेणु सिंह काफी खुश हैं। अतिका मां मंशा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एमए की छात्रा है।