मिलनसार और मृदुभाषी थे नरेंद्र
नरेंद्र यादव स्वभाव से काफी मृदुभाषी थे। इसके कारण आसपास के लोगों में उनकी छवि काफी अच्छी थी। मार्टिनगंज कस्बे में उनके आसपास के दुकानदारों ने बताया कि उनकी किसी से रंजिश भी नहीं थी। लोगों में चर्चा थी कि हो सकता है कि लूट के इरादे से उनकी हत्या की गई हो। नरेंद्र यादव के पिता श्यामू यादव की मौत हो चुकी है।
नरेंद्र यादव तीन भाई हैं। बड़े भाई गांव पर खेती-बाड़ी करते हैं। छोटे भाई को नरेंद्र ने ही टेंपो खरीद कर उसका कारोबार शुरू कराया है। परिचितों ने बताया कि नरेंद्र यादव मार्टिनगंज में ही अपने मामा महेंद्र यादव की दुकान पर बचपन से रहते थे। लगभग 11 -12 साल पहले नरेंद्र ने लोन ले करके अपनी कपड़े की दुकान खोली थी।
उनकी मेहनत और मिलनसार स्वभाव के कारण यह दुकान भी चल निकली थी। अचानक नरेन्द्र की हत्या से कस्बे के व्यापारी भी अवाक है उनके बीच में यही चर्चा हो रही थी कि नरेंद्र की किसी से रंजिश भी नहीं थी। हो सकता है कि लूट आज के इरादे से उनकी हत्या की गई हो। नरेंद्र के तीन बच्चे हैं। इसमें दो लड़कियां और एक लड़का है। घर पर मां और पत्नी का रो-रोकर के बुरा हाल था।