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UP Chunav 2022: वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो भी कर सकेंगे मतदान, इन 12 पहचान पत्रों में से किसी को लेकर बूथ पर जाएं

Mon, 07 Mar 2022 07:46 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वोटिंग बूथ में प्रवेश करें तथा यह ध्यान दें कि बैलेट यूनिट पर हरे रंग की लाइट जल रही हो। इसके बाद अपनी पसंद के उम्मीदवार के बगल में नीले रंग के बटन को दबाएं।
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मतदान। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अगर किसी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में है, लेकिन वोटर आईडी कार्ड उसके पास नहीं है तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। बिना मतदाता पहचान पत्र के भी वह आयोग द्वारा मान्य 12 पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर मतदान कर सकता है। 

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इसके लिए मतदाता के पास आधार कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों व डाकघरों की फोटो युक्त पासबुक, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आरजीआई से जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज, सरकार, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटो युक्त पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों, विधानपरिषद सदस्यों को जारी पहचान पत्र में से कोई एक होना चाहिए। 

स्याही लगवाने से इनकार किया तो नहीं डाल सकेंगे वोट
कोई मतदाता स्याही लगवाने, रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद वोट देने से इनकार करता है तो पहले उसे समझाया जाता है। न मानने पर निर्वाचन के नियम 49 ओ के तहत रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। यह इसलिए किया जाता है, क्योंकि रजिस्टर पर मतदाता अंकित हो जाता है और मशीन में वोट नहीं पड़ता।इसी तरह वोट देने गया कोई मतदाता यदि उंगली पर स्याही लगवाने या रजिस्टर पर हस्ताक्षर या अंगूठा लगाने से इनकार करता है तो नियम 49 एम के तहत उसे वोट देने से रोक दिया जाता है।

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ईवीएम से ऐसे करें मतदान

मतदाता की पहचान पूर्ण हो जाने एवं स्याही लगने के बाद पीठासीन अधिकारी कंट्रोल यूनिट से मत जारी करने के बाद मतदाता को वोटिंग कंपार्टमेंट में भेजेंगे। वोटिंग बूथ में प्रवेश करें तथा यह ध्यान दें कि बैलेट यूनिट पर हरे रंग की लाइट जल रही हो। इसके बाद अपनी पसंद के उम्मीदवार के बगल में नीले रंग के बटन को दबाएं। लाल बत्ती जलने एवं बीप की आवाज सुनाई दे तो आश्वस्त हो जाएं कि मत पड़ चुका है। 

यह भी जानें

  • अपना वोटर आईडी कार्ड या चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित पहचान पत्र साथ लेकर जाएं।
  • यदि घर पर मतदाता पर्ची आई है तो मतदान केंद्र के बाहर जाकर लिस्ट में नाम देखें और पर्ची प्राप्त करें।
  • कोई विशेष प्रत्याशी को वोट देने का दबाव बनाए तो चुनाव अधिकारी या सुरक्षाकर्मी को सूचित करें।
  • वोटिंग के दौरान मशीन पर बटन दबाने के बाद बीप की आवाज सुनकर अपना मतदान सुनिश्चित कर लें।
  • जहां वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल मशीन है। वहां पर्ची देखकर अपने वोट को सुनिश्चित कर लें।

मतदान में परेशानी हो तो यहां करें शिकायत

मतदान दिवस के दौरान वाराणसी की किसी भी विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र पर किसी भी तरह की परेशानी होने अथवा मतदान में गड़बड़ी होने पर इसकी सूचना तत्काल विधानसभावार कंट्रोल कक्ष के फोन नंबर के साथ ही संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर दे सकते हैं। 

            विधानसभा क्षेत्र                            नंबर
  • पिंडरा                                          0542- 2509401, 0542- 2509402 
  • अजगरा                                        0542- 2509403, 0542- 2509404 
  • शिवपुर                                         0542- 2509405, 0542- 2509406 
  • रोहनियां                                        0542- 2509407, 0542- 2509408 
  • वाराणसी उत्तरी                               0542- 2509409, 0542- 2509410 
  • वाराणसी दक्षिणी                              0542- 2509411, 0542-2509412 
  • वाराणसी कैंटोमेंट                             0542-2509413, 0542-2509414 
  • सेवापुरी                                          0542-2509415, 0542-2509416
           सुनवाई न हो तो इन्हें करें फोन
  • जिला निर्वाचन अधिकारी वाराणसी, डीएम : 9454417579
  • उप जिला निर्वाचन अधिकारी, एडीएम प्रशासन : 9454417029
  • हेल्पलाइन नंबर - 1950
  • इलेक्शन कंट्रोल रूम- 0542-2508705, 0542- 2504900

पहले पड़ चुका है वोट तो निराश न हों

कई बार मतदान स्थल पर पहुंचने पर पता चलता है कि आपसे पहले ही आपके नाम पर कोई वोट दे चुका है। यदि किसी मतदाता के साथ ऐसा होता है तो वह टेंडर के जरिए वोट दे सकता है। बूथ का पीठासीन अधिकारी टेंडर वोट के लिए आवेदन करने वाले मतदाता की पहचान सुनिश्चित करेगा। संतुष्ट होने पर यह विकल्प दिया जाएगा। ऐसे मतदाता ईवीएम से वोट नहीं दे सकेंगे।
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मतदाता पर शक होने पर चैलेंज वोट

निर्वाचन आयोग की ओर से चैलेंज वोट का भी प्रावधान है। प्रत्याशियों के एजेंट को यदि किसी मतदाता पर शक होता है तो उसे मतदान से रोकने के लिए वह चैलेंज कर सकता है। इसके लिए उसे पीठासीन अधिकारी के पास दो रुपये जमा करने होते हैं।

पीठासीन अधिकारी दस्तावेज के माध्यम से जांच करता है। जांच में मतदाता सही मिलता है तो उसे वोट देने की अनुमति दी जाती है और एजेंट का दो रुपया जब्त कर लिया जाता है। यदि शिकायत सही मिलती है तो मतदाता को वोट देने से रोक दिया जाता है। 
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