मतदाता की पहचान पूर्ण हो जाने एवं स्याही लगने के बाद पीठासीन अधिकारी कंट्रोल यूनिट से मत जारी करने के बाद मतदाता को वोटिंग कंपार्टमेंट में भेजेंगे। वोटिंग बूथ में प्रवेश करें तथा यह ध्यान दें कि बैलेट यूनिट पर हरे रंग की लाइट जल रही हो। इसके बाद अपनी पसंद के उम्मीदवार के बगल में नीले रंग के बटन को दबाएं। लाल बत्ती जलने एवं बीप की आवाज सुनाई दे तो आश्वस्त हो जाएं कि मत पड़ चुका है।
मतदान दिवस के दौरान वाराणसी की किसी भी विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र पर किसी भी तरह की परेशानी होने अथवा मतदान में गड़बड़ी होने पर इसकी सूचना तत्काल विधानसभावार कंट्रोल कक्ष के फोन नंबर के साथ ही संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर दे सकते हैं।
विधानसभा क्षेत्र नंबर
- पिंडरा 0542- 2509401, 0542- 2509402
- अजगरा 0542- 2509403, 0542- 2509404
- शिवपुर 0542- 2509405, 0542- 2509406
- रोहनियां 0542- 2509407, 0542- 2509408
- वाराणसी उत्तरी 0542- 2509409, 0542- 2509410
- वाराणसी दक्षिणी 0542- 2509411, 0542-2509412
- वाराणसी कैंटोमेंट 0542-2509413, 0542-2509414
- सेवापुरी 0542-2509415, 0542-2509416
सुनवाई न हो तो इन्हें करें फोन
- जिला निर्वाचन अधिकारी वाराणसी, डीएम : 9454417579
- उप जिला निर्वाचन अधिकारी, एडीएम प्रशासन : 9454417029
- हेल्पलाइन नंबर - 1950
- इलेक्शन कंट्रोल रूम- 0542-2508705, 0542- 2504900
कई बार मतदान स्थल पर पहुंचने पर पता चलता है कि आपसे पहले ही आपके नाम पर कोई वोट दे चुका है। यदि किसी मतदाता के साथ ऐसा होता है तो वह टेंडर के जरिए वोट दे सकता है। बूथ का पीठासीन अधिकारी टेंडर वोट के लिए आवेदन करने वाले मतदाता की पहचान सुनिश्चित करेगा। संतुष्ट होने पर यह विकल्प दिया जाएगा। ऐसे मतदाता ईवीएम से वोट नहीं दे सकेंगे।
निर्वाचन आयोग की ओर से चैलेंज वोट का भी प्रावधान है। प्रत्याशियों के एजेंट को यदि किसी मतदाता पर शक होता है तो उसे मतदान से रोकने के लिए वह चैलेंज कर सकता है। इसके लिए उसे पीठासीन अधिकारी के पास दो रुपये जमा करने होते हैं।
पीठासीन अधिकारी दस्तावेज के माध्यम से जांच करता है। जांच में मतदाता सही मिलता है तो उसे वोट देने की अनुमति दी जाती है और एजेंट का दो रुपया जब्त कर लिया जाता है। यदि शिकायत सही मिलती है तो मतदाता को वोट देने से रोक दिया जाता है।