पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार शाम वाराणसी पहुंचीं। एयरपोर्ट से वह टीएमसी समर्थकों के साथ सीधे गंगा सेवा निधि की ओर से कराई जाने वाली गंगा आरती के लिए निकल पड़ीं। दशाश्वमेध घाट पर आम श्रद्धालुओं की तरह घाट की सीढ़ियों पर बैठकर गंगा आरती शुरू होने का इंतजार करने लगी।
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इसके बाद उन्होंने परंपरागत तरीके से गंगा आरती भी की। इसके पहले जब आयोजकों ने ममता को कुर्सी पर बैठकर आरती देखने का अनुरोध किया तो उन्होंने मना कर दिया। उधर, एयरपोर्ट से घाट जाते समय चेतगंज और गोदौलिया पर कुछ युवकों ने जय श्री राम का नारा लगाते हुए ममता के काफिले को काले झंडे भी दिखाए।
यहां पुलिस भी मौजूद रही, लेकिन युवक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने उनका स्वागत किया। ममता की सादगी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गंगा सेवा निधि की ओर से इनके लिए घाट पर कुर्सियां लगाई गई थी, लेकिन ममता ने कहा कि मां गंगा की आरती घाट की सीढ़ियों से देखूंगी। बृहस्पतिवार को वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद के जयंत चौधरी के साथ संयुक्त रैली को संबोधित करेंगी।