यूक्रेन व रूस के बीच हो रहे युद्ध पर उन्होंने कहा कि भारतीयों को तत्काल निकालने के लिए भारत सरकार को प्रयास करना चाहिए। दोनों देशों के बीच हालात काफी दिनों से खराब चल रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाया यह बड़ा सवाल है।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में रावत ने कहा कि योगी आदित्यनाथ से मेरा आत्मिक लगाव है, मगर वे राजनीति के प्रपंच में फंसकर आध्यात्म व योगत्व को खो रहे हैं। उन्होंने कहा, भगवा धारी योगी के सामने मैं दंडवत हूं, मगर जिस विचारधारा से वे जुड़े हैं उसका मैं घोर विरोधी हूं।
उत्तराखंड में गुरु गोरक्षनाथ की अखंड धूनी में उनके लिए जमीन की व्यवस्था का प्रस्ताव मैंने दिया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, धर्म, ईश्वर, पौराणिक मान्यता को राजनीति में नहीं लाना चाहिए।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के चेहरे के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मैं केवल चुनावी जरूरत था। चुनाव के बाद सरकार चलाने वाली सोच पर पार्टी निर्णय करेगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है।
कांग्रेस में बिखराव के सवाल पर उन्होंने कहा, पार्टी प्रतिबद्धता वाली पीढ़ी अब राजनीति में चूक रही है। नई पीढ़ी से सामंजस्य का मैकेनिजम पार्टी में खड़ा किया जा रहा है।