फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संघ मुक्त भारत और शराब मुक्त हो समाज

Fri, 13 May 2016 02:13 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
JD activist conference
विज्ञापन
बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस से मिशन यूपी शुरू करते हुए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) मुक्त भारत के साथ शराब मुक्त भारत का आह्वान किया। पिंडरा के नेशनल इंटर कॉलेज में जदयू कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने शराबबंदी के मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठाया। शराबबंदी पर पीएम मोदी और भाजपा से राय मांगी। प्रधानमंत्री से भाजपा शासित प्रदेशों में शराबबंदी लागू करने की मांग करने के साथ ही कहा कि देश की आजादी में आरएसएस का कोई योगदान नहीं रहा है। आरएसएस के लोग तिरंगे की जगह भगवा झंडा फहराने में विश्वास करते हैं।
विज्ञापन



नीतीश कुमार ने भाषण की शुरुआत में ही कहा कि भाजपा के लोग जदयू को केवल बिहार की पार्टी बताते हैं। यहां बैठे लोगों का उत्साह देखकर उन्हें जदयू की बढ़ती ताकत का अंदाजा लग जाएगा। भाजपा के बारे में कहा कि बिहार के विधानसभा चुनाव में जनता ने अपना जनादेश दे दिया है। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में कोई वादा पूरा नहीं किया। सौ दिन में काला धन वापस लाने की घोषणा की थी। ऐसा नहीं कर पाए तो पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इसे चुनावी जुमला बता दिया। कम से कम हर व्यक्ति को पंद्रह लाख नहीं तो दस से पंद्रह हजार तो दे ही देने चाहिए। उनकी कथनी और करनी में काफी अंतर है। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए लव जेहाद, बीफ, घर वापसी जैसे मुद्दे उठाए। बीजेपी एक विश्वविद्यालय में तिंरगा फहराने की बात कह रही है। यह जानकर हम लोगों को खुशी हुई। बीजेपी और आरएसएस अब तक भगवा झंडा ही फहराते रहे हैं।


करीब 40 मिनट के संबोधन में नीतीश ने सबसे ज्यादा फोकस शराबबंदी पर किया। कहा कि यह एक सामाजिक अभियान है। देश भर के लोग इसका समर्थन कर रहे हैं। झारखंड के लोगों ने भी अपने यहां शराबबंदी की मांग उठाई है। गांधी जी के चंपारण आंदोलन के 100वें साल में हमने बिहार में शराबबंदी की है। महिलाओं द्वारा कच्ची शराब बनाने की शिकायत पर भट्ठियां तोड़ने की आजादी दे दी गई है। हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। बिहार के पंचायत चुनाव में हमने महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण किया है। पुलिस की नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
विज्ञापन



सम्मेलन को संबोधित करते हुए जदयू के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शरद यादव ने कहा कि देश की राजनीति में यूपी का बड़ा रोल रहा है। यूपी ही दिल्ली की राह दिखाता है। यूपी के रास्ते ही हमें दिल्ली फतह करनी है। चौधरी चरण सिंह कहते थे कि एक आंख से अपना खेत देखो और एक आंख से दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले पर उन्होंने कहा कि इटली में हुए खुलासे के बाद केंद्र सरकार हरकत में आई है। पिछले दो साल में केंद्र इस मामले पर चुप्पी साधे हुए थी। उत्तराखंड में अदालत के फैसले से भाजपा को काफी कुछ सीखना चाहिए। जय मजदूर, जय काशी, जय इंकलाब कहते हुए उन्होंने भाषण खत्म किया। जदयू के प्रधान महासचिव और राज्यसभा सदस्य केसी त्यागी ने कहा कि बिहार का जनादेश केवल बिहार के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए था। बिहार में हमने उस समय सरकार बनाई, जब गुजरात और हरियाणा जल रहा था। जनता दल ने देश को छह प्रधानमंत्री दिए हैं। अगला प्रधानमंत्री भी जनता दल से होगा।
 
यूपी में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन के बारे में उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के पूर्व हम सभी ने मुलायम सिंह यादव को सर्वमान्य नेता मान लिया था लेकिन वह हमको छोड़ कर चले गए। हम क्या कर सकते हैं। हम अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते। सिद्धांतों की वजह से ही हम भाजपा से अलग हुए थे। कहा कि अब यूपी में हम पार्टी को और ज्यादा मजबूत करेंगे। इसके लिए जून महीने में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।

 सम्मेलन में जदयू के आला नेताओं ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री के दावेदार के रूप में पेश कर दिया। नेताओं ने कहा कि देश में नीतीश कुमार से बड़ा और सर्वमान्य कोई दूसरा नेता नहीं है। उनका राजनीतिक जीवन पाक-साफ है। नेताओं ने अपने भाषण में कांग्रेस का जिक्र तक नहीं किया। केसी त्यागी ने तो यहां तक कह दिया कि सम्मेलन में आए लोगों की भीड़ देखकर हमें नहीं लगता है कि यूपी में किसी दल से गठबंधन की जरूरत है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें