कानपुर में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी आतिफ के घर के बाहर भड़काऊ भाषण देने में आरोपी बनाए गए उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी का संगठन एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
आजमगढ़ में रहने वाले रशादी ने बाटला एनकाउंटर और कई धारावाहिक बम विस्फोटों में आजमगढ़ के युवकों का नाम आने के बाद नौ साल पहले उलेमा काउंसिल का गठन किया था। आरोपी बनाए गए इन युवकों को बेगुनाह बताते हुए वह लगातार उनके लिए संघर्ष कर रहे हैं।
संगठन के लोग बाटला एनकाउंटर की प्रत्येक बरसी पर दिल्ली, लखनऊ सहित अन्य शहरों में प्रदर्शन कर जांच की मांग करते हैं।
बता दें कि वर्ष 2008 में दिल्ली मेें बाटला एनकाउंटर हुआ। इसमें आजमगढ़ जिले के रहने वाले दो युवकों को पुलिस ने मार गिराया जबकि कई फरार हो गए। हैदराबाद में हुए बम विस्फोट के मामले में देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बैरीडीह गांव निवासी असदुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी को हैदराबाद की एक अदालत में फांसी की सजा भी सुना चुकी है।
उधर, बाटला एनकाउंटर और दिल्ली, वाराणसी, गोरखपुर समेत कई जगहों पर हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में जिले के कई युवकों का नाम आया। तमाम जांच एजेंसियों ने इन युवकों को कसूरवार बताया जबकि मौलाना आमिर रशादी समेत युवकों के घर और गांव वाले इन्हें बेगुनाह बता रहे है।
इन संदिग्धों के हक की लड़ाई लडने के लिए आमिर रशादी ने वर्ष 2009 में राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल का गठन किया। वह इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। आमिर रशादी मुस्लिमों की ताकत दिखाने के लिए अपने बैनर तले वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारकर चुनाव भी लड़े।
इसके बाद वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में भी उलेमा की तरफ से जिला समेत अन्य जिलों में प्रत्याशी उतारे गए।
रशादी इसके अलावा बाटला एनकाउंटर की बरसी पर हर साल संगठन के लोगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करते थे, लेकिन इस बार जिले स्तर पर ही धरना प्रदर्शन किया गया। उधर सात मार्च को लखनऊ में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने एक आतंकवादी सैफुल्लाह को मार गिराया।
उसी क्रम में पुलिस ने कानपुर के एक संदिग्ध आतंकी आतिफ को गिरफ्तार किया है। रशादी उसे बेगुनाह बता रहे हैं तथा शुक्रवार को उसके घर के बाहर लोगों को इकट्ठा करके भड़काऊ भाषण दिया। इस मामले में कानपुर पुलिस ने रशादी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।