यहीं नहीं कमेटी में शामिल एक सदस्य के तो डिपार्टमेंट का नाम भी गलत अंकित है। एक ने तो खुद को कमेटी में बतौर सदस्य होने की जानकारी से भी इनकार किया है। इस बारे में पूछे जाने पर विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि यह एक मानवीय भूल हो सकती है। बाद में इसकी जानकारी होने पर दूसरा आदेश जारी कर दिया गया।