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वाराणसी-प्रयागराज हाइवे पर 20 मिनट के अंदर छात्र-छात्राओं की सड़क हादसों में गई जान

Sat, 11 Jan 2020 04:27 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग पर शुक्रवार को दो सड़क दुर्घटनाओं में स्कूटी सवार छात्र और छात्रा की मौत हो गई। चकपड़ौना के समीप स्कूल से लौट रही डीएलएड छात्रा की ईंट लदे ट्रैक्टर से कुचलकर मौत हो गई, जबकि कठौता के समीप स्कूटी फिसलने से  गिरने के कारण एमएससी के छात्र की जान चली गई। युवक ने हेलमेट नहीं पहना था। 20 मिनट के अंतराल पर दोनों घटनाएं हुईं।

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पहली घटना गोपीगंज थानाक्षेत्र के कठौता तिराहे के समीप हुई। क्षेत्र के दवनपुर गांव निवासी नीलेश शुक्ला(25) पुत्र अनिल शुक्ला ज्ञानपुर के केएनपीजी कॉलेज में एमएससी का छात्र था। शुक्रवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे वह स्कूटी से ज्ञानपुर एक रोजगारपरक सेमिनार में भाग लेने के लिए जा रहा था। युवक ने हेलमेट नहीं लगाया था। बताते हैं कि जैसे ही वह कठौता तिराहे के समीप पहुंचा, अचानक स्कूटी फिसल गई और वह सड़क पर गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने से  वह अचेत हो गया।

घटना की सूचना मिलने पर गोपीगंज कोतवाल कृष्णानंद राय मौके पर पहुंचे और युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। मृतक तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसकी शादी सात महीने पूर्व हुई थी।

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इस घटना के लगभग 20 मिनट बाद ही दूसरी घटना उसी राजमार्ग पर चकपड़ौना के समीप हुई। कोतवाली क्षेत्र के उत्तरी धनापुर गांव निवासी गणेश पांडेय की 18 वर्षीया पुत्री कविता प्रयागराज जनपद के डा. छोटे लाल बिंद महाविद्याल उपरदहां में डीएलएड की छात्रा थी। वह शुक्रवार को कॉलेज से पढ़ कर अपनी स्कूटी से घर लौट रही थी। उसने हेलमेट पहना था। जैसे ही छात्रा चकपड़ौना के पास पहुंची, हाईवे से गुजर रहे ईंट लदे ट्रैक्टर की चपेट में आ गई।

ट्रैक्टर के पहिए के नीचे चले जाने के कारण कविता गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे आसपास के लोगों ने निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। उधर भीड़ ने ट्रैक्टर चालक को पकड़कर पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया। छात्रा की मौत की खबर लगने पर हॉस्पिटल पहुंचे परिजन दहाड़े मारकर बिलखने लगे। बताया जाता है कि तीन बहनों और एक भाई के बीच कविता बेहद होनहार थी।
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