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वाराणसी में दो थानेदार लाइन हाजिर: 30 दिन में नहीं किया काम, चार को मिली नई तैनाती; सीपी ने लिया एक्शन

Sun, 12 Apr 2026 01:20 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने लापरवाही पर भेलूपुर व लोहता थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया। नई तैनातियां करते हुए अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा व यातायात सुधार पर सख्ती के निर्देश दिए। लंबित विवेचनाएं 30–45 दिन में पूरी करने, जाम 25% घटाने और अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया।
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मातहतों के साथ मीटिंग करते सीपी मोहित अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला
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Varanasi Police: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने काम में लापरवाही बरतने अपराध नियंत्रण पर नकेल कसने में विफल रहे भेलूपुर थाना प्रभारी सुधीर कुमार त्रिपाठी और लोहता थाना प्रभारी राजबहादुर मौर्य को लाइन हाजिर कर दिया।

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एक दिन पहले ही भेलूपुर थाने में 80 लाख रुपये की डकैती का मामला दर्ज हुआ था। देखा जाए तो तीन साल के अंदर भेलूपुर थाना क्षेत्र में डकैती के दो बड़े मामले सामने आए। अस्सी घाट पर आए दिन मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना रोकने में थाना प्रभारी विफल रहे। वहीं, दो निरीक्षक समेत चार को थाने पर नई तैनाती मिली। 

सामान्य मामलों में 30 दिन व गंभीर मामलों में 45 दिन के अंदर विवेचना पूरा करने का निर्देश विवेचकों को दिया गया।  शनिवार को टीपी लाइन में समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने पाया कि दोनों थाना प्रभारियों ने अपराध नियंत्रण समेत अन्य जिम्मेदारियों के प्रति 30 दिन में कुछ भी काम नहीं किया। 

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सीपी ने दिए निर्देश

पुलिस आयुक्त ने कपसेठी थाना प्रभारी सधुवन राम गौतम को चोलापुर थाना प्रभारी, पुलिस लाइन में रहे दुर्गा सिंह को भेलूपर थाना प्रभारी, पुलिस आयुक्त के पीआरओ रहे उपनिरीक्षक दिगंबर उपाध्याय को लोहता थाना और उपनिरीक्षक विकास कुमार मौर्य को कपसेठी थाना प्रभारी बनाया। समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि थानेदार वही बनेगा जो काम करेगा। 

अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, महिला अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस और यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में काम करना होगा। अब प्रदर्शन के आधार पर ही थाना मिलेगा। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण और प्रभावी पुलिसिंग में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  ई-समन प्रणाली, यक्ष ऐप और आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। 
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10 मार्गों पर 25 प्रतिशत जाम में कमी लाने का लक्ष्य
लंबित विवेचनाओं को सामान्य मामलों में 30 दिन व गंभीर मामलों में 45 दिन के भीतर पूर्ण कर चार्जशीट दाखिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही गोतस्करी, चोरी, नकबजनी, धोखाधड़ी, एनडीपीएस व साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। वहीं, सैनिक सम्मेलन में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण, आवास, एनपीएस व मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के निर्देश दिए।

आरटीसी योजना के तहत 10 प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखने और 30 अप्रैल तक जाम के समय में 25 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया। तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट, रांग साइड चलने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। अवैध गतिविधियों जैसे हुक्का बार, जुआ, वेश्यावृत्ति व मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया। 
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