वाराणसी में बड़ागांव थाने की पुलिस और एएनटीएफ बाराबंकी यूनिट ने हरहुआ रिंग रोड पर 105 किलो गांजे के साथ बुधवार को तस्करी के आरोप में विशाल सिंह और अनमोल सैनी को गिरफ्तार किया। जबकि एक साथी सुनील यादव अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। तलाश में टीम लगी है। तस्करों के कब्जे से गांजे के अलावा कार, तीन फोन और 360 रुपये मिले।
पुलिस के मुताबिक, बिहार से गांजा लाकर वाराणसी में खपाने की तैयारी थी। एएनटीएफ को 25 अगस्त की रात वाराणसी में गांजे की खरीद-फरोख्त की सूचना मिली थी। पुष्टि के बाद टीम ने बड़ागांव क्षेत्र में घेराबंदी की। पहले हरहुआ से गाजीपुर की ओर जाने वाले रिंग रोड पर आजमगढ़ मोड़ पर सौदा होने की जानकारी मिली, लेकिन बाद में तस्करों ने स्थान बदलकर हरहुआ रिंग रोड चौराहे के पास कर दिया। पुलिस टीम ने सारनाथ की ओर से रिंग रोड जाने वाली सर्विस लेन पर एक सिल्वर रंग की कार खड़ी देखी।
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मुखबिर ने कार में गांजे की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने कार को आगे-पीछे से घेर लिया। आगे की सीट पर बैठे विशाल सिंह और अनमोल सैनी को पुलिस ने पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पहचान पत्र और नकदी मिली। कार की पिछली सीट और डिकी से चार बोरों में रखे गांजे के पैकेट मिले। इनमें 10 बड़े और दो छोटे पैकेट थे।
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पूछताछ में विशाल सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने और सुनील यादव ने मिलकर गांजा बिहार से मंगाया था। इसे वाराणसी में बेचने की तैयारी थी। कार से मिला मोबाइल भी सुनील का बताया गया है। थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस आरोपी के साथ तस्करी के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।