कांची कामकोटि पीठाधीश्वर शंकराचार्य शंकर विजयेन्द्र सरस्वती महाराज का चातुर्मास पूर्ण होने के बाद शहर भर की संस्थाओं और समाज की ओर से स्वागत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। शंकराचार्य मातृनवमी पर काशी में अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद अयोध्या प्रवास पर रवाना हो जाएंगे। अयोध्या में वह सरयू के तट पर 13 अक्तूबर को अयोध्या आंदोलन में मरने वाले कारसेवकों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध व तर्पण करेंगे।
जय-जय शंकर, हर-हर शंकर से हुआ शंकराचार्य का स्वागत
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य के वेंकटरमण घनपाठी के हनुमान घाट स्थित आवास पर कांची के शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती के स्वागत समारोह का आयोजन हुआ। शंकराचार्य का स्वागत आर शिवकुमार शास्त्री एवं आर शंकर नारायण ने पूर्ण कुंभ देकर किया। इस अवसर पर भक्तों ने शंकराचार्य की आरती उतारी और जय-जय शंकर ,हर हर शंकर के उद्घोष के साथ स्वागत किया।
शंकराचार्य ने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा वेदों का संरक्षण होता आया है, इस परंपरा को हम सभी को वेदों का नियमित अध्ययन करके आगे बढ़ाना चाहिए और आने वाली युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति प्रेरित करना चाहिए। इस दौरान विधायक नीलकंठ तिवारी, कांची मठ के प्रबंधक वीएस सुब्रमण्यम मणि, वी एस चंद्रशेखर उपस्थित थे।