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वाराणसी: काशी राजपरिवार की कृष्ण प्रिया सहित तीन को कोर्ट से राहत, गैर जमानती वारंट पर लगी रोक

Sat, 07 Oct 2023 04:15 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

धोखाधड़ी के एक मामले में काशी राजपरिवार की कृष्ण प्रिया, इमलाक कॉलोनी निवासी पति अशोक कुमार सिंह और कचौड़ी गली चौक निवासी चंद्रशेखर कपूर के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने रोक लगा दी है। 
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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धोखाधड़ी के एक मामले में काशी राजपरिवार की कृष्ण प्रिया, इमलाक कॉलोनी निवासी पति अशोक कुमार सिंह और कचौड़ी गली चौक निवासी चंद्रशेखर कपूर के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने रोक लगा दी है।

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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी कुमार ने 2012 में कैंट थाने में दर्ज मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ 16 सितंबर को गैर जमानती वारंट जारी किया था। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार चौबे और दीपिका चौबे ने जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका दायर की। अदालत ने याचिका पर अग्रिम सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तिथि मुकर्रर कर विपक्षी को नोटिस जारी किया है।

नदेसर गोलीकांड के वादी धनंजय सिंह से हुई जिरह

बहुचर्चित नदेसर गोलीकांड में मुकदमे के वादी पूर्व सांसद धनंजय सिंह से शुक्रवार को फिर जिरह की गई। इस मामले में एक आरोपी संदीप सिंह उर्फ पप्पू की ओर से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-311 के तहत दिए गए आवेदन पर सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत ने धनंजय सिंह से जिरह की कार्रवाई दोबारा करने का आदेश दिया था।

साथ ही, छह अक्तूबर को पूर्व सांसद को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया था। अदालत के आदेश के तहत शुक्रवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह से बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनुज यादव और वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने जिरह की। अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 13 अक्तूबर नियत कर दी। 

गांजा बरामदगी के मामले में चार वर्ष की कैद
अपर सत्र न्यायाधीश पंचम अनिल कुमार की अदालत ने पांच किलो गांजा की बरामदगी के सिगरा थाने के मामले में रोहनिया क्षेत्र के गोकुलपुर जलालीपट्टी निवासी अभियुक्त सूरज यादव उर्फ मुमताज को दोषी पाया है। अदालत ने अभियुक्त को चार वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अरविंद कुमार श्रीवास्तव और सुनील सिंह ने पक्ष रखा। अभियोजन के अनुसार, 8 सितंबर 2013 को प्रभारी निरीक्षक सगीर अहमद भदवर चौराहे पर थे।

मुखबिर से सूचना मिली कि एक गिरोह का सदस्य जिसके पास अवैध शस्त्र और गांजा है, वह डाफी के रास्ते से होते हुए अखरी चौराहे से शहर में प्रवेश करेगा। सूचना के आधार पर घेराबंदी कर अभियुक्त की तलाशी लेने पर उसके झोले से पांच किलो गांजा बरामद हुआ। अभियुक्त 26 जून 2019 से जेल में रहा। ऐसे में कोर्ट ने जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित करते हुए चार वर्ष की सजा सुनाई।

छेड़खानी के दोषी को पांच साल की कड़ी कैद

छात्रा के साथ छेड़खानी और उसके अभिभावकों के साथ मारपीट के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अनुतोष शर्मा की अदालत ने आदमपुर थाना के त्रिलोचन बाजार क्षेत्र निवासी रोहित सिंह को दोषी पाया है। अदालत ने अभियुक्त को पांच साल की कड़ी कैद और 1.13 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मधुकर उपाध्याय व सहयोगी संतोष त्रिपाठी ने पक्ष रखा।
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रोहित सिंह आदमपुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग छात्रा का कोचिंग आते-जाते समय अक्सर पीछा करता था। नौ दिसंबर 2015 को छात्रा कोचिंग जा रही थी तो रास्ते में रोहित उसका हाथ पकड़ कर घसीटने लगा। साथ ही, तेजाब डालने और जान से मारने की धमकी देने लगा। छात्रा के शोर मचाने पर उसके माता-पिता आए तो रोहित ने उनके साथ मारपीट की। छात्रा के पिता ने उसी दिन रोहित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत ने विचारण के बाद अभियुक्त को दोषी पाया और सजा सुना दी। 
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