हृदय रोग विभाग में प्रो. विकास अग्रवाल के कमरे पर लगा प्रोफेसर का बोर्ड।
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नियुक्ति प्रक्रिया में प्रो. विकास हुए शामिल
विश्वविद्यालय कुलपति आवास के सामने होलकर हाउस में विश्वविद्यालय के विभागों में होने वाली नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करवाई जाती है। यहीं पर साक्षात्कार होते हैं। हृदय रोग विभाग में नियुक्तियों के लिए पिछले दो दिन तक जो साक्षात्कार हुए, उसमें अध्यक्ष के रूप में प्रो. विकास अग्रवाल ही शामिल हुए। प्रोफेसर ओमशंकर ने शुक्रवार को होलकर भवन पहुंचकर आपत्ति भी जताई थी।
25 सितंबर तक मैं ही विभागाध्यक्ष : प्रो. ओमशंकर
प्रो. ओमशंकर का कहना है कि नियमानुसार उनका कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है। उनका कहना है कि 25 सितंबर तक वहीं अध्यक्ष रहेंगे। तीन साल के कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानबूझकर 55 दिन उन्हें हटाया। पहले 24 मई 2024 को पद से हटाया फिर 18 जुलाई 2024 को वापस कार्यभार दे दिया। मैं गलत था तो विश्वविद्यालय ने दोबारा क्यों बुलाया। फिलहाल मैं अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहा हूं। इसकी जानकारी कुलपति को पत्र से दे दिया है।
मैं अभी बिजी, आईएमएस निदेशक बताएंगे हकीकत
विभागाध्यक्ष पद के बारे में पूछे जाने पर प्रो. विकास अग्रवाल ने कहा कि मैं बिजी हूं, अपने कांफ्रेंस के लिए। हकीकत आईएमएस निदेशक ही बताएंगे। इस बारे में निदेशक से ही पूछें, मैं कुछ बता नहीं सकता हूं। यह पूछने पर कि प्रोफेसर ओमशंकर ने कमरे के बाद एचओडी का बोर्ड लगाया है और आप ने केवल प्रोफेसर का। इस पर उन्होंने फोन काट दिया।
निदेशक बोले, प्रो. विकास अग्रवाल ही अध्यक्ष रहेंगे
आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार का कहना है कि विभाग में प्रो. विकास अग्रवाल ही अध्यक्ष रहेंगे। इस बात की जानकारी प्रो. विकास के साथ ही प्रो. ओमशंकर को दी जा चुकी है। जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया है, तो इसमें किसी तरह के ऊहापोह की बात ही नहीं होनी चाहिए।