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Varanasi News: बीएचयू हृदय रोग विभाग में दो अध्यक्ष, दोनों कर रहे हस्ताक्षर, कामकाज पर पड़ा असर; छिड़ी रार

Mon, 05 Aug 2024 06:38 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: विभाग में साक्षात्कार सहित अन्य कार्यों में प्रो. विकास अग्रवाल को शामिल किया जा रहा है। वहीं, प्रो. ओमशंकर भी विभाग के जरूरी कागजात पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। 
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हृदय रोग विभाग में प्रो. ओम शंकर के कमरे पर लगा विभागाध्यक्ष का बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग में इस समय दो-दो अध्यक्ष काम कर रहे हैं। कागज पर बीएचयू प्रशासन ने प्रो. विकास अग्रवाल को जिम्मेदारी दी है और विभाग के साक्षात्कार सहित अन्य कार्यों में उन्हें शामिल किया जा रहा है। 

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वहीं, प्रो. ओमशंकर विभाग के जरूरी कागजात पर अभी भी विभागाध्यक्ष के रूप में हस्ताक्षर कर रहे हैं। उनका कहना है कि नियमानुसार अभी उनका कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है, इसलिए वहीं अध्यक्ष हैं।

एक अगस्त से प्रो. विकास अग्रवाल को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी का आदेश जारी किया गया है। प्रो. ओमशंकर खुद को विभागाध्यक्ष मानकर काम कर रहे हैं। हृदय रोग विभाग में उनके कमरे के बाहर विभाग के अध्यक्ष का बोर्ड लगा है। 
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प्रो. विकास अग्रवाल के कमरे के बाहर विभागाध्यक्ष नहीं लिखा है। एक विभाग में दो-दो अध्यक्ष होने से विभागीय कामकाज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। उपस्थिति रजिस्टर में जहां विभाग के अध्यक्ष का नाम होता है, वहां भी प्रोफेसर ओमशंकर के नाम के आगे एचओडी ही लिखा है। इस रजिस्टर पर और भी शिक्षक रोज हस्ताक्षर करते हैं।

हृदय रोग विभाग में प्रो. विकास अग्रवाल के कमरे पर लगा प्रोफेसर का बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला
नियुक्ति प्रक्रिया में प्रो. विकास हुए शामिल
विश्वविद्यालय कुलपति आवास के सामने होलकर हाउस में विश्वविद्यालय के विभागों में होने वाली नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करवाई जाती है। यहीं पर साक्षात्कार होते हैं। हृदय रोग विभाग में नियुक्तियों के लिए पिछले दो दिन तक जो साक्षात्कार हुए, उसमें अध्यक्ष के रूप में प्रो. विकास अग्रवाल ही शामिल हुए। प्रोफेसर ओमशंकर ने शुक्रवार को होलकर भवन पहुंचकर आपत्ति भी जताई थी।

25 सितंबर तक मैं ही विभागाध्यक्ष : प्रो. ओमशंकर
प्रो. ओमशंकर का कहना है कि नियमानुसार उनका कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है। उनका कहना है कि 25 सितंबर तक वहीं अध्यक्ष रहेंगे। तीन साल के कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानबूझकर 55 दिन उन्हें हटाया। पहले 24 मई 2024 को पद से हटाया फिर 18 जुलाई 2024 को वापस कार्यभार दे दिया। मैं गलत था तो विश्वविद्यालय ने दोबारा क्यों बुलाया। फिलहाल मैं अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहा हूं। इसकी जानकारी कुलपति को पत्र से दे दिया है।
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मैं अभी बिजी, आईएमएस निदेशक बताएंगे हकीकत
विभागाध्यक्ष पद के बारे में पूछे जाने पर प्रो. विकास अग्रवाल ने कहा कि मैं बिजी हूं, अपने कांफ्रेंस के लिए। हकीकत आईएमएस निदेशक ही बताएंगे। इस बारे में निदेशक से ही पूछें, मैं कुछ बता नहीं सकता हूं। यह पूछने पर कि प्रोफेसर ओमशंकर ने कमरे के बाद एचओडी का बोर्ड लगाया है और आप ने केवल प्रोफेसर का। इस पर उन्होंने फोन काट दिया।

निदेशक बोले, प्रो. विकास अग्रवाल ही अध्यक्ष रहेंगे
आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार का कहना है कि विभाग में प्रो. विकास अग्रवाल ही अध्यक्ष रहेंगे। इस बात की जानकारी प्रो. विकास के साथ ही प्रो. ओमशंकर को दी जा चुकी है। जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया है, तो इसमें किसी तरह के ऊहापोह की बात ही नहीं होनी चाहिए।
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