बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने के बाद ही दोनों गुटों में पहले कहासुनी होने लगी। बाद में मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसमें दोनों तरफ से कुछ छात्र चोटिल भी हुए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने किसी तरह मामला शांत कराया। घटना को लेकर दोनों गुट की ओर से एक दूसरे पर आरोप लगाया जा रहा है।
बीएचयू कैंपस में धरना-प्रदर्शन को लेकर पहले से ही जगह निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय में कोई गैर शैक्षणिक कार्य करने के लिए अनुमति लेनी जरूरी होगी। विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करना सभी का कर्तव्य है। घटना की जांच कराकर जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रो. आंनद चौधरी, चीफ प्रॉक्टर बीएचयू