लखनऊ से लापता दो युवतियां बृहस्पतिवार को मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में मिली थीं। वे फर्जी आधार कार्ड पर किराये के मकान में रहती थीं। बृहस्पतिवार को उनको खोजते हुए परिजन पुलिस लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने दोनों को औपचारिकता पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया था।
लखनऊ निवासी दोनों युवतियां साढ़े तीन माह पूर्व घर से फरार हो गई थीं। परिजन दोनों की तलाश में परेशान थे। लखनऊ के चिनहट थाने में इनकी गुमशुदगी दर्ज थी। एक युवती ने अपनी सहेली से फोन पर बात करते हुए जानकारी दी थी कि वह अहरौरा में रह रही है। इसी के आधार पर बृहस्पतिवार को दोनों युवतियों के परिजन अहरौरा पहुंचे थे। दोनों युवतियां फर्जी आधार कार्ड देकर किराये के मकान में रह रही थीं। एक युवती ने खुद को युवक बताते हुए अली रेन के नाम से फर्जी आधार कार्ड मकान मालिक को दिया था। इसके आधार पर दोनों लगभग साढ़े तीन माह तक किराये के मकान में रहीं। इतना ही नहीं, फर्जी आधार कार्ड पर ही उसने नौकरी भी पा ली थी। फर्जी आधार कार्ड के बारे में थानाध्यक्ष राजेश चौबे ने अनभिज्ञता जाहिर की है।