पेशी के दौरान न्यायाधीश ने मुख्तार से पूछा कि कुछ कहना है। मुख्तार ने कुछ कहना चाहा पर लाइन कट हो गई। कई प्रयास के बाद भी बांदा जेल से लिंक नहीं जुड़ सका। गौरतलब है कि तरवां थाना क्षेत्र के ऐराखुर्द गांव के पास 7 वर्ष पूर्व वर्चस्व को लेकर सड़क निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार पर जानलेवा हमला किया गया था।
इस हमले में एक मजदूर की गोली लगने से मौत हो गई थी और कुछ लोग घायल हुए थे। विवेचना में मुख्तार अंसारी के गिरोह का नाम प्रकाश में आया था। इस मामले में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें से 10 आरोपी प्रदेश के विभिन्न जिलों में बंद हैं। जबकि मुख्तार गिरोह का शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया फरार है। 15 मार्च को आरोपी अनुज के खिलाफ गैर जमानती वारंट न्यायालय से जारी किया गया था।