सीडब्ल्यूसी की अध्यक्षा रोली सिंह के आदेश और एसपी सिटी के निर्देश पर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी टीएन त्रिपाठी की टीम ने 13 नवंबर 2005 को रेड लाइट एरिया शिवदासपुर में छापा मारा था। तीन ठिकानों से सात किशोरियों को मुक्त कराया था। प्रकरण में मेहताब, जैकी, मंटर, रहमत, अफजल, शेरू, राजा, काली व उसकी बहन मुखिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
जिसमें मेहताब और अफजल के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार समेत कई धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। पीड़िताओं ने बयान दिया था कि उन्हें पश्चिम बंगाल से प्रलोभन देकर यहां लाया गया था। जबरन देह व्यापार कराया जाता था। इनकार करने पर तरह-तरह से शारीरिक यातना दी जाती थी। आरोपियों का संगठित गिरोह है और इसके अनैतिक देह व्यापार कराकर धन अर्जित किया जाता रहा।
इस मामले में अफजल व काली को पहले ही 10 वर्ष की सजा हो चुकी है। दो का मामला विचाराधीन है। 4 आरोपी अभी भी फरार बताए गए हैं। सजा पाने वालों में लंगड़ा कानपुर का है जबकि पप्पू उर्फ प्रेमप्रकाश शिवदासपुर का ही है।