जिले के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब स्मार्ट बनेेंगे। पिंडरा, काशी विद्यापीठ व नगर क्षेत्र के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों का चयन हुआ है। इन विद्यालयों में दो कक्षाओं को स्मार्ट बनाया जाएगा। जहां आधुनिक तरीके से ऑडियो-वीडियो, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर के जरिये विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे। 50 स्कूलों की सूची जारी की गई है। शिक्षा विभाग ने जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा था। शनिवार को मंजूरी मिलने के बाद अब काम शुरू होगा। पिछले साल भेजे गए प्रस्ताव को लेकर खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जिले के पचास स्कूलों के दो कमरों को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के लिए दिल्ली पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन की ओर से 2 करोड़ की धनराशि प्रदान की जाएगी। स्मार्ट क्लास में कं प्यूटर और प्रोजेक्टर भी लगाए जाएंगे। प्रोजेक्टर्स पर बच्चों को पाठ्यक्रम में शामिल विषयों को ऑडियो-विजुअल के माध्यम से दिखाया जाएगा। इसके अलावा विज्ञान से जुड़े आविष्कारों पर आधारित कहानियां भी दिखाई जाएंगी।
शिक्षकों को भी मिलेगा प्रशिक्षण
स्मार्ट क्लास विकसित होने वाले स्कूलों के शिक्षक को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। शिक्षकों को आईटी से जुड़ी तकनीक सिखाई जाएगी। इनका शिक्षक पढ़ाई के दौरान इस्तेमाल कर बच्चों को और बेहतर तरीके से शिक्षित कर सकेंगे।
कोट
स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनने से बच्चे को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। इससे वह विषयों को आसानी से समझ सकेंगे। स्कूलों में स्मार्ट क्लास तैयार का काम अलग माह से शुरू हो जाएगा। - राकेश सिंह, बीएसए