एक कमरे में चल रहीं दो कक्षाएं
- फोटो : अमर उजाला
परिषदीय विद्यालयों में विभाग भले ही बेहतर आधारभूत संरचना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सोमवार को अमर उजाला की पड़ताल में शहरी क्षेत्र के कई विद्यालयों में एक ही कमरे में दो कक्षाओं का संचालन होता मिला। कहीं भवन जर्जर होने के कारण बच्चे टीन शेड के नीचे पढ़ते मिले, तो कहीं एक ही समय में दो शिक्षक अलग-अलग कक्षाओं को पढ़ा रहे थे। शिक्षकों ने इस व्यवस्था को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
एक ही समय में दो अलग-अलग विषयों और कक्षाओं की पढ़ाई होने से बच्चों की एकाग्रता प्रभावित होती है। छोटे बच्चे अपनी कक्षा पर ध्यान देने के बजाय बगल में चल रही कक्षा की बातें और बोर्ड देखने लगते हैं। वहीं, दो शिक्षक एक साथ पढ़ाने से कमरे में शोर और गूंज का माहौल बन जाता है। इससे बच्चों को शिक्षक की बात स्पष्ट सुनाई नहीं देती और पढ़ाई प्रभावित होती है।
केस-1
पूर्वोत्तर रेलवे प्राथमिक विद्यालय में केवल दो कमरे और एक खेल मैदान है। यहां कक्षा एक से तीन तक की पढ़ाई एक कमरे में तथा कक्षा चार से छह तक की पढ़ाई दूसरे कमरे में होती है। भवन पूरी तरह जर्जर है और बरसात में छत से पानी टपकता है। विद्यालय में वर्तमान में 26 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनके लिए केवल दो शिक्षक हैं। पड़ताल के दिन कक्षा चार के केवल तीन बच्चे ही विद्यालय पहुंचे थे।
केस-2
कमलगढ़हा स्थित कंपोजिट विद्यालय में 164 बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां कुल पांच शिक्षक स्वीकृत हैं, जबकि पड़ताल के दौरान चार ही उपस्थित मिले। विद्यालय के पांच कमरों में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होती है। जगह की कमी के कारण कक्षा छह और सात के बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जाता है।
कंपोजिट विद्यालय महेशपुर में क्षमता से अधिक छात्र
कंपोजिट विद्यालय महेशपुर में कक्षा 1 से 8 तक 400 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। स्थिति यह है कि बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। जिले के इस विद्यालय में शिक्षा का स्तर बेहतर होने के कारण यहां छात्र संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रधानाचार्या शीला यादव ने बताया कि छात्रों की संख्या अधिक होने से उपलब्ध कमरे कम पड़ रहे हैं। हालांकि विद्यालय में पहले से ही प्रयोगशाला (लैब) समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आंकड़े एक नजर में
- जिले में कुल विद्यालय - 1143
- कुल छात्रों की संख्या - 1,55,684
- शहरी क्षेत्र में नया नामांकन - 9932
- कुल शिक्षकों की संख्या - 6580
अधिकारी बोले
रसोइया से क्लास लेने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं, शहर में कई विद्यालय किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं। जिन विद्यालयों का अपना भवन है और वहां जगह की कमी है, उनके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। जल्द ही आधारभूत संरचना को व्यवस्थित किया जाएगा। -भूपेंद्र सिंह, बीएसए