हादसों में मरने वालों में 70 प्रतिशत युवा, उम्र 20 से 30 वर्ष
साल 2022 में ओवरस्पीड के कारण 46 लोगों की मौत हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 87 हो गई। पुलिस की सख्ती के बावजूद हादसों में कमी नहीं आई। ओवरस्पीड के कारण होने वाले हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता गया। हादसों में जान गंवाने वालों में करीब 70 प्रतिशत युवा थे, जिनकी उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच थी। पुलिस के जागरूकता अभियान और चालान की कार्रवाई के बावजूद हादसों की रफ्तार कम नहीं हुई। वर्ष 2022 में ओवरस्पीड के कारण 46 लोगों की मौत हुई, वर्ष 2023 में 44, वर्ष 2024 में 73 और वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 87 पहुंच गया।
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नशे में ड्राइविंग के 39 हादसे, 28 की मौके पर मौत
बीते वर्ष की सड़क हादसा रिपोर्ट के अनुसार सुबह छह से नौ बजे तथा रात 11 से दो बजे के बीच सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं। शराब के नशे में हुई दुर्घटनाओं में 89 प्रतिशत लोगों की मौत हुई। नशे में वाहन चलाने के 39 हादसों में 28 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी बोले
सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात पुलिस लगातार अभियान चला रही है। ओवरस्पीड, नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जा रही है। हादसा संभावित स्थानों को चिह्नित कर वहां स्पीड चेकिंग के साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। वाहन चालकों से अपील है कि सड़क खाली होने पर भी तेज गति से वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। -अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी ट्रैफिक