आरोपी प्रिंस पटेल और कुनाल यादव एक दूसरे के पूर्व परिचित हैं। वाराणसी में किराये के कमरे में एक साथ रहते हैं। दोनों ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए झारखंड प्रांत धनबाद निवासी शराफत के माध्यम से गूगल पर बैंकों की वेबसाइट बनाते हैं। उनके लिंक वेबसाइट में डालते हैं।
वह ट्रेडिंग का झांसा व रुपयों का लालच देकर अलग-अलग बैंको में लोगों के खाता खुलवाते हैं। उनके बैंक पासबुक, मोबाइल, सिमकार्ड, डेबिट कार्ड जारी कराने के बाद कूरियर से धनबाद भेजते हैं।
आरोपियों ने पिछले करीब एक साल में इस तरह से करीब 15 लोगों के फर्जी खातों में धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया है। पकड़े जाने वालों ने कबूला कि मास्टरमाइंड शराफत को वह पहचानते नहीं है। उनका काम सिर्फ खाते खुलवाना रहता है। बदले में उन्हें रुपये मिलते हैं।
ठगी के लिए किराए पर ले रखा था कमरा
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने वाराणसी में ऑनलाइन ठगी के लिए किराये का कमरा लिया था। कमरे से ही वह सारा नेटवर्क सरगना के कहने पर संचालित करते थे। आरोपी प्रिंस मिर्जापुर जिले में आईआईटी का छात्र है। उसका साथी कुनाल यादव इंटर पास है। दोनों पूर्व परिचित है। पुलिस दोनों शराफत के संपर्क में कैसे आए। पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है। व्हाट्सएप चैट, आईपी एड्रेस के जरिये शराफत तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।