ढकवा गांव में गंगा नदी में उतराया मिला शव तेलियाबाग क्षेत्र के रंगिया मोहाल की ट्यूशन पढ़ाने वाली प्रीति प्रजापति (24) का था। परिजनों ने युवती को अगवा कर हत्या करने का आरोप लगाया है। शिनाख्त होने पर परिजनों के विरोध के बीच पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
देश में चौतरफा महिला सुरक्षा की चर्चा और सरकार के सख्त निर्देश के बावजूद युवती की गुमशुदगी दर्ज कर उसकी खोजबीन न शुरू कर सिगरा और चेतगंज थाने की पुलिस सीमा विवाद में दो दिन तक उलझी रही। इस बीच युवती की हत्या कर शव गंगा में फेंक दिया गया।
परिजनों के साथ ही क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि यदि सूचना मिलते ही पुलिस खोजबीन शुरू कर दी होती तो शायद युवती की जान बच जाती। सिगरा पुलिस ने प्रकरण दर्ज करके भी खोजबीन का प्रयास नहीं किया। सभी ने मांग की है कि इसके लिए कसूरवार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
चौकाघाट फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के कारण तेलियाबाग से मलदहिया मार्ग पर वाहनों का अतिरिक्त दबाव रहता है। युवती के परिजनों ने देर शाम प्रदर्शन करना शुरू किया तो तेलियाबाग से मलदहिया मार्ग के साथ ही अंधरापुल से जगतगंज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।लगभग साढ़े तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ तो तकरीबन आधा घंटे का समय आवागमन सामान्य होने में लग गया। मुख्य मार्ग पर जाम लगने के कारण पूरे शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार डूबने की वजह से युवती की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है और शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। युवती की मौत 11 दिसंबर को ही हो गई थी।
युवती चौबेपुर क्षेत्र में कैसे पहुंची, इसके लिए मलदहिया से लेकर उसके घर के आने-जाने वाले मार्ग पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वारदात के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीम गठित की गई है। परिजनों से कहा गया है कि वह सिगरा और चेतगंज थाने के पुलिसकर्मियों की शिनाख्त कर लें। जिन पुलिसकर्मियोें ने भी उन्हें इधर से उधर दौड़ाया और मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी की, उन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।