काशी विश्वनाथ मन्दिर में दर्शन के लिए दर्शनार्थियों की लगी लंबी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में नए साल के पहले दिन सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में भोग आरती के बाद कठघरा लगाने के विरोध पर जमकर हाथापाई और हंगामा हुआ। कुछ लोग बाबा को जल और प्रसाद चढ़ाने की जिद में भोग आरती खत्म होने पर कठघरा नहीं लगाने दे रहे थे।
यह हंगामा उस समय हुआ जब न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी और सकलडीहा के भाजपा विधायक सुशील सिंह भी वहां मौजूद थे। अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर कठघरा लगवाने पहुंचे सफाई पर्यवेक्षक से धक्कामुक्की और बदसलूकी की गई।
कठघरा लगवाने की कोशिश में न्यास अध्यक्ष की उंगली में मामूली चोट भी आई है। बवाल की जानकारी मिलने के बाद मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने फोन पर घटनाक्रम की जानकारी ली। सीईओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गर्भगृह में बवाल करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में दोपहर भोग आरती के बाद 12:30 बजे श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद कठघरा लगाए बगैर जलाभिषेक करने और प्रसाद चढ़ाने की जिद को लेकर मारपीट की नौबत आ गई।
कुछ लोग रोज की तरह भोग आरती के बाद फल, मिठाई और जल अर्पित करने के लिए कठघरा नहीं लगने दे रहे थे। जबकि गर्भगृह से लेकर मंदिर जाने वाली सड़कों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार दर्शन के लिए लगी थी।