फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नए साल के पहले दिन विश्वनाथ मंदिर में हाथापाई, न्यास परिषद के अध्यक्ष के साथ बदसलूकी

Tue, 02 Jan 2018 02:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
काशी विश्वनाथ मन्दिर में दर्शन के लिए दर्शनार्थियों की लगी लंबी लाइन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
वाराणसी में नए साल के पहले दिन सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में भोग आरती के बाद कठघरा लगाने के विरोध पर जमकर हाथापाई और हंगामा हुआ। कुछ लोग बाबा को जल और प्रसाद चढ़ाने की जिद में भोग आरती खत्म होने पर कठघरा नहीं लगाने दे रहे थे।
विज्ञापन


यह हंगामा उस समय हुआ जब न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी और सकलडीहा के भाजपा विधायक सुशील सिंह भी वहां मौजूद थे। अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर कठघरा लगवाने पहुंचे सफाई पर्यवेक्षक से धक्कामुक्की और बदसलूकी की गई।

कठघरा लगवाने की कोशिश में न्यास अध्यक्ष की उंगली में मामूली चोट भी आई है। बवाल की जानकारी मिलने के बाद मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने फोन पर घटनाक्रम की जानकारी ली। सीईओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गर्भगृह में बवाल करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में दोपहर भोग आरती के बाद 12:30 बजे श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद कठघरा लगाए बगैर जलाभिषेक करने और प्रसाद चढ़ाने की जिद को लेकर मारपीट की नौबत आ गई। 

कुछ लोग रोज की तरह भोग आरती के बाद फल, मिठाई और जल अर्पित करने के लिए कठघरा नहीं लगने दे रहे थे। जबकि गर्भगृह से लेकर मंदिर जाने वाली सड़कों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार दर्शन के लिए लगी थी।

 
विज्ञापन

हंगामे के दौरान सुरक्षाकर्मी बने रहे मूकदर्शक

अपनी बारी का इंतजार करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

इस दौरान मंदिर में मौजूद न्यास अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने जब हस्तक्षेप किया और कठघरा तत्काल लगाने का निर्देश दिया तो विरोध करने वाले उन पर भी भड़क गए। न्यास सदस्य प्रदीप कुमार बजाज ने अपशब्दों का प्रयोग करने वाले एक व्यक्ति को पकड़कर किनारे किया।

शोर-शराबा, हंगामे के बीच न्यास अध्यक्ष के निर्देश पर गर्भगृह में सेवादारों ने कठघरा लगाने में सफलता हासिल की। इस दौरान सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे।

न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने बताया कि कुछ लोग भोग आरती के दौरान पिछले दो वर्ष से नियम के विपरीत नियमित पॉलीथिन और कागज के डिब्बे में मिठाई का प्रसाद बाबा को चढ़ाते आ रहे हैं। जब तक प्रसाद नहीं चढ़ जाता, ये लोग तब तक कठघरा नहीं लगने देते।

नए वर्ष पर भीड़ इतनी थी कि कठघरा न लगता तो गर्भगृह में लोग एक-दूसरे पर गिर सकते थे और तब स्थिति ज्यादा बिगड़ जाती। ऐसे लोगों को चिह्नित कर प्रतिबंधित करने के लिए मंदिर प्रशासन से कहा गया है।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी का कहना है कि भोग आरती के बाद एक मिनट के लिए भी बिना कठघरे के गर्भगृह में दर्शन नहीं हो सकता। गर्भगृह में नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें