यहां इमरजेंसी में आयुष्मान का एक अलग काउंटर भी है, जहां पंजीकरण के बाद भर्ती मरीजों की योजना के तहत निशुल्क जांच और सर्जरी करवाई जाती है। मरीजों की चोट के हिसाब से डॉक्टर की सलाह पर सर्जरी के साथ-साथ कुछ का घुटना, कंधा प्रत्यारोपण समेत अन्य इलाज भी किया जाता है।
यहां मरीजों का निशुल्क उपचार तो हो रहा है, लेकिन बिहार सरकार की ओर से मरीजों के इलाज में खर्च धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यूपी और अन्य राज्यों के मरीजों के इलाज का भुगतान तो कुछ देरी से हो जा रहा है, लेकिन बिहार के मरीजों का भुगतान चार साल से नहीं हो रहा है।
बीएचयू अस्पताल के भी भुगतान में देरी, दो माह में 673 का इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत बीएचयू अस्पताल में भी भर्ती मरीजों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। बिहार निवासी युवक प्रियांशु मिश्रा ने एक आरटीआई में बिहार के मरीजों के आयुष्मान से इलाज की जानकारी मांगी थी। अस्पताल के आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी, राजीव कुमार दूबे की ओर से अस्पताल के सहायक कुलसचिव को 16 जनवरी को एक पत्र भेजा गया था।
इसमें लिखा गया कि अस्पताल में पिछले दो महीने में बिहार के 673 मरीजों का आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज हुआ। बिहार सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना से संबंधित भुगतान में अक्सर विलंब होता है। हालांकि, पत्र में यह भी लिखा गया कि मरीजों के इलाज की सुविधा फिलहाल नहीं रोकी गई है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर में बिहार के मरीजों के इलाज का भुगतान न होने की जानकारी मिली है। इस बारे में बिहार सरकार से जुड़े जिम्मेदार लोगों को पत्र भेजकर भुगतान की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है। - सुनील कुमार बरनवाल, सीईओ, नेशनल हेल्थ अथॉरिट
बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है। बिहार के मरीजों के इलाज का जो धनराशि बाकी है, उसका भुगतान करने के लिए समय-समय पर जिम्मेदार लोगों को पत्र भेजकर जानकारी दी जाती है। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू