गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली कटौती बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक 30 मिनट तक की 12 बाद ट्रिपिंग की गई। इसके अलावा तार और ट्रांसफॉर्मर में आई गड़बड़ी के नाम पर डेढ़ से तीन घंटे तक कटौती की गई। बिजली निगम की ओर से शहर में 17 स्थानों पर ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर से बिजली आपूर्ति हो रही है।
उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशान बिजली के तार और ट्रांसफॉर्मर को ठंडा करने के नाम पर किया जा रहा है। विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता एसके सनोरिया ने बताया कि गर्मियों में अगर ट्रिपिंग न की जाए तो ट्रांसफॉर्मर और तार जलने की घटनाएं बढ़ जाएंगी।
वहीं, डाफी निवासी संतोष यादव ने बताया कि सोमवार देर रात से मंगलवार देर रात तक 30 मिनट की 17 बार कटौती की गई। इसके बाद भी ट्रांसफॉर्मर का जंफर उड़ गया। इस वजह से दोपहर 12 से 1 बजे तक बिजली नहीं रही। इसके अलावा शिवाला, सोनरपुरा, रविंद्रपुरी में दिनभर बिजली की आवाजाही लगी रही। लक्सा चौराहे पर बिजली का पैनल खराब होने से श्रीनगर, जद्दुमंडी, लक्ष्मीकुंड क्षेत्र की बिजली बाधित रही।
बोले अधिकारी
बिजली का लोड बढ़ने से तार टूटने की आशंका रहती है। बड़ी घटना से बचने के लिए कम समयावधि के शटडाउन लेने पड़ रहे हैं।
- एके वर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल द्वितीय
720 मेगावाट पहुंची बिजली खपत
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत बढ़ गई है। एक महीने के भीतर बिजली की खपत में दो सौ मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधीक्षण अभियंता ट्रांसमिशन डीके दीक्षित ने बताया कि सोमवार को 720 मेगावाट बिजली खपत हुई यह पिछले वर्ष के 680 मेगावाट के मुकाबले 40 मेगावाट ज्यादा है।
ट्रांसफॉर्मर बदलने में लग गए 8 घंटे
विद्युत वितरण मंडल प्रथम के नरिया उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्र में मंगलवार सुबह ट्रांसफॉर्मर जल गया। बिजली निगम के कर्मचारियों को जले ट्रांसफार्मर के बदले ट्रॉली ट्रांसफार्मर लगाने में आठ घंटे लग गए। उपकेंद्र के जेई ने बताया कि सभी ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर प्रयोग में थे इसलिए ट्रांसफॉर्मर बदलने में देरी हुई। करौंदी चौराहे पर ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफॉर्मर जल गया। इस वजह से चंदन नगर, महेश नगर, तुलसी नगर, महामना नगर में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
दो महीने में 131 ट्रांसफॉर्मर की ही बढ़ सकी क्षमता
यूपीपीसीएल के निर्देश पर विशेष बिजनेस प्लान के तहत जिले के ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जानी थी, लेकिन दो महीने में केवल 131 ट्रांसफॉर्मर की क्षमता में ही बढ़ोतरी की जा सकी है। जबकि जिले के 200 ओवरलोड ट्रासफॉर्मर चिह्नित हुए थे।