बोले परीक्षार्थी
प्रश्न काफी घुमावदार थे। वास्तविकता से परे प्रश्न पत्र होने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस परीक्षा में माइनस मार्किंग नहीं है, इसलिए सभी प्रश्नों का उत्तर दिया। मऊ से बलिया आकर परीक्षा देना सबसे बड़ी परीक्षा थी। - निशा कुमारी, मऊ
प्रश्न पत्र काफी आसान था। पेपर को हल करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं रही। संस्कृत के प्रश्न आसान थे। लेकिन इसमें पेचीदगी कम नहीं थी। प्रश्न पत्र सामान्य स्तर का नहीं था। प्रश्नों को समझकर उत्तर देना पड़ा। - प्रियंका, मऊ
प्रश्न पत्र तो बढ़िया था, लेकिन पैटर्न अलग था। वास्तविक प्रश्न भी अलग तरह के थे। प्रश्न घुमाकर कर पूछे गए थे। सभी प्रश्नों को हल करने में काफी समय जाया हो गया। क्योंकि प्रश्नों को हल करने व रफ कार्य में अधिक समय लग गया। - कंचन, मऊ
पेपर बहुत ही आसान था। मेरी तैयारी अच्छी थी। इसलिए हल करने में आसानी हुई। प्रश्न पत्र में कुल 150 प्रश्न थे। जिसमें चाइल्ड डेवलपमेंट के प्रश्न तो आसान से भी आसान थे। इससे काफी सहारा मिला। - रितू यादव, आजमगढ़।
परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षार्थियों की जांच: जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सघन जांच-पड़ताल की गई। जांच की वीडियोग्राफी भी कराई गई। जांच में प्रवेश के साथ आधार तथा अन्य कागजातों की जांच की गई। बिना जांच के बिना किसी को भी परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिलाया गया। इसके लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा की निर्धारित अवधि से करीब दो घंटा पहले ही बुलाया गया था। हालांकि जांच-पड़ताल में परीक्षार्थियों का समय बर्बाद नहीं किया गया।