वाराणसी। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन बेपटरी है। यात्री भूख प्यास से बेहाल हैं। 16 घंटे का सफर तय करने में यात्रियों को 32 से 35 घंटे का समय लग रहा है। कुछ ट्रेनें तो ट्रैक से भटक भी जा रही हैं। इतने समय गुजारने के दौरान श्रमिकों की हालत खराब होनी तय है।
इस भीषण गर्मी में ट्रेन 2 से 4 घंटे तक धूप में खड़ी कर दी जा रही है। गर्म तवे की तरह तपती ट्रेन की बोगियों में यात्री भूख प्यास से तड़प रहे हैं। कुछ ट्रेनों में पानी नहीं तो कुछ कोच में पंखे तक नहीं चल रहे। ट्रेनों में भोजन व पानी मुहैया कराने और जल्द से जल्द ट्रेन चलाने को लेकर श्रमिक लगातार रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड को ट्वीट कर रहे हैं। जिसके बाद संबंधित डीआरएम को मैसेज फारवर्ड किया जा रहा है। इन दिनों उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के डीआरएम और पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी के डीआरएम को सबसे अधिक ट्वीट किया जा रहा है। तय समय पर ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर श्रमिकों को भोजन और पानी बोतल का इंतजाम किया जा रहा है। कैंट स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में फल भी वितरित किया जा रहा है।