बाबतपुर। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दो माह बाद घरेलू उड़ानें सोमवार से शुरू हो गईं। पहले दिन सात शहरों के लिए 22 विमानों ने उड़ान भरी। सुबह से रात तक 1719 यात्रियों का आवागमन हुआ। इन सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई और उनके जूते व लगेज सैनिटाइज किए गए। साथ ही 14 दिनों तक होम क्वारंटीन रहने का घोषणा पत्र भी भरवाया गया।
लॉकडाउन में फंसे यात्रियों के चेहरे पर घर पहुंचने की बेताबी साफ देखी गई। किसी को घर पहुंचने की जल्दी थी तो कोई अपनों से मिलकर भावुक हो उठा। कुल 1215 यात्री एयरपोर्ट पर आए और 504 यात्रियों ने अन्य शहरों के लिए उड़ान भरी। उधर, केंद्र और राज्यों के बीच फंसे पेच के कारण मुंबई की स्पाइसजेट की दो और इंडिगो की कोलकाता की एक उड़ान निरस्त कर दी गई। इसे लेकर यात्रियों ने नाराजगी जताई। वहीं, महाराष्ट्र सरकार के सिर्फ 25 विमानों को अनुमति देने के कारण मुंबई से आने वाले विमानों पर सस्पेंस बना रहा। इसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एडीएम प्रोटोकॉल अतुल कुमार और पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव ने कोविड-19 रजिस्ट्रेशन व होम क्वारंटीन की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उधर, गैर जनपदों के यात्रियों को टैक्सी आदि समय पर नहीं मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली से 155 यात्रियों को लेकर पहुंचा पहला विमान
एयरपोर्ट पर 155 यात्रियों को लेकर दिल्ली से इंडिगो का विमान 6ई 6613 सुबह 10:40 बजे पहुंचा। यात्रियों के एयरपोर्ट पर उतरने के बाद 10-10 यात्रियों की लाइन लगाकर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए एयरपोर्ट निदेशक आकाशदीप माथुर और सीआईएसएफ कमांडेंट सुब्रत झा ने खुद कमान संभाली।
टर्मिनल और एयरपोर्ट परिक्षेत्र को किया सैनिटाइज
टर्मिनल बिल्डिंग सहित ट्राली, टिकट काउंटर, चेक इन काउंटर, टैक्सी काउंटर, सीट वॉशरूम, कन्वेयर बेल्ट, आगमन और प्रस्थान गेट, बोर्डिंग गेट सहित वह सभी जगह, जहां यात्रियों के हाथ पड़ सकते हैं, को बीच बीच में सैनिटाइज करवाया गया। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए इंडिगो एयलाइंस के यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर गेट का प्रयोग किया गया। स्पाइसजेट, एयर इंडिया विस्तारा और गो एयरवेज के लिए डोमेस्टिक गेट का प्रयोग किया गया।
काशी आने वाले विमान
विमान यात्री समय
6ई 6613 दिल्ली-वाराणसी 152 10:35
एसजी 971अहमदाबाद-वाराणसी 185 11:10
6ई 897 बंगलुरू-वाराणसी 76 11:40
6ई 513 चेन्नई-वाराणसी 90 1:10
6ई 578 मुंबई-वाराणसी 184 2:00
एसजी 2752 जयपुर-वाराणसी 36 4:13
एसजी 246 मुंबई-वाराणसी 32 4:18
यूके 673 दिल्ली-वाराणसी 58 4:48
6ई 6624 हैदराबाद-वाराणसी 112 5:38
6ई 6176 दिल्ली-वाराणसी 124 6:38
एआई427 दिल्ली-वाराणसी 166 7:53
काशी जाने वाले विमान
6ई 423 वाराणसी-दिल्ली 78 12:05
एसजी972 वाराणसी-अहमदाबाद 51 --
6ई144 वाराणसी-बंगलूरू 33 11:40
6ई 514 वाराणसी-चेन्नई 19 2:20
6ई 579 वाराणसी-मुंबई 91 3:46
एसजी2753 वाराणसी-जयपुर 15 4:50
एसजी247 वाराणसी-मुंबई 29 5:05
यूके674 वाराणसी-दिल्ली 22 6.00
6ई 6913वाराणसी-हैदराबाद 57 6:45
6ई 6197 वाराणसी-दिल्ली 27 7:45
एआई428 वाराणसी-दिल्ली 85 8:55
डीएम और एसएसपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
व्यवस्थाओं का जायजा लेने सोमवार दोपहर डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी भी एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने एयरपोर्ट पर बनाए गए आइसोलेशन वार्ड और पार्किंग क्षेत्र का निरीक्षण कर एयरपोर्ट ऑथॉरिटी को जरूरी निर्देश दिए। टैक्सी संचालकों को यात्रियों का पूरा सहयोग करने के लिए निर्देशित किया। प्रीपेड टैक्सी के सचिव सुरेंद्र पांडेय ने बताया कि यात्रियों का पूरा सहयोग किया जाएगा। इस दौरान एयरपोर्ट निदेशक आकाशदीप माथुर, सीआईएसएफ कमांडेंट सुब्रत झा, ओएसडी टू डायरेक्टर शक्ति त्रिपाठी, एसडीएम पिंडरा मणिकंडन ए, पिंडरा न्यायिक मजिस्ट्रेट मदन मोहन वर्मा, टर्मिनल मैनेजर संतोष चौबे, शंभूनाथ, रंजीत वर्मा, सीओ पिंडरा अनिल राय आदि मौजूद रहे।
विमान में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। एयरपोर्ट पहुंचने पर ऑफलाइन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन राज्य सरकार के वेबसाइट पर करवाने के बाद ही टर्मिनल से बाहर निकलने दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट अतिरिक्त लग रहे हैं। -कुमार अखिलेश, यात्री
विमान में पानी के लिए भी सेल्फ सर्विस करना पड़ रहा है। खाना आदि कुछ नहीं मिला। अरोग्य सेतु एप डाउन लोड किया तभी दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रवेश दिया गया। -त्रिपुरारी शुक्ला, यात्री
अहमदाबाद से स्पाइसजेट के विमान से 8 माह की बेटी संग पत्नी पहुंची। बगैर सैनिटाइज के सम्पर्क में नहीं आने दिया गया। एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जो कि अच्छा है। --सागर सोनकर, यात्री
गाजीपुर से किसी तरह बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचा। यहां आकर पता चला कि विमान निरस्त हो गया है। परिवार मुम्बई में ही फंसा है। पैतृक घर आया था लॉक डाउन हुआ तो यहीं फंस गया। अब फिर हजार रुपये किराया लगाकर गाजीपुर जाना होगा। --अबुजर अंसारी, यात्री