वहीं मामले की सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारियों ने बनारस से दूसरा इंजन मंगा कर ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया। कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक पर गिरे मलबे व पेड़ को हटाया गया। खबर लिखे जाने तक ओएचई तार से करंट की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी।