मोहनसराय से चांदपुर तक सड़क बन रही है। इसलिए यह इलाका सुबह से रात तक जाम की चपेट में रहता है। इसलिए लोग अखरी चौराहा से चितईपुर, भिखारीपुर, मंडुवाडीह होते हुए लहरतारा या फिर फुलवरिया फोरलेन से अपने गंतव्य की ओर जाते हैं। इसके चलते अखरी चौराहा से मंडुवाडीह मार्ग पर वाहनों का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। बौलिया और लहरतारा चौराहा पर अक्सर जाम लगता है।
वैवाहिक समारोहों ने बढ़ाई दिक्कत, कहीं नहीं पार्किंग की व्यवस्था
सड़क निर्माण कार्य और श्रद्धालुओं के हुजूम को नियंत्रित करने में जुटी में पुलिस को इन दिनों वैवाहिक समारोहों के चलते भी यातायात प्रबंधन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के ज्यादातर मैरिज लॉन में वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं है। नतीजतन, वैवाहिक समारोहों में आने वाले वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं और जाम का कारण बनते हैं। मैरिज लॉन में वाहन पार्किंग की व्यवस्था हो, इसे लेकर वीडीए, नगर निगम और जिला प्रशासन का उदासीन रवैया बरकरार है। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ ही थानों की पुलिस सुगम यातायात के लिए सुबह से देर रात तक सड़कों पर प्रयासरत रहती है।
क्या बोले अधिकारी
वैवाहिक समारोहों, श्रद्धालुओं के हुजूम और सड़क निर्माण कार्य के चलते कुछ इलाकों में जाम की समस्या बढ़ी है। ठोस कार्ययोजना बनाकर समस्या का प्रभावी तरीके से समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। -मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त
डोमरी में पंडित प्रदीप मिश्र की शिवमहापुराण कथा के समापन के बाद भीड़ उमड़ने से पड़ाव चौराहे पर मंगलवार को भीषण जाम लग गया। तीन किलोमीटर तक करीब 20 हजार वाहनों की कतार लगी रही। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक लगे जाम में डेढ़ लाख से ज्यादा लोग फंसे रहे।
यहां जाम का नजारा ऐसा पहली बार देखने को मिला। कंधे पर गठरी और झोला लेकर हजारों महिलाएं जहां की तहां खड़ी रहीं। जब पैर जवाब दे गया तो वह सड़क पर ही बैठ और लेट गईं।
पड़ाव से रामनगर तक फोरलेन और पीडीडीयू नगर तक सिक्स लेन का काम चल रहा है। पड़ाव चौराहे के चौड़ीकरण का काम अभी पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में यहां आए दिन जाम लगता है। डोमरी में शिव महापुराण कथा सुनने के लिए मंगलवार को बड़ी संख्या में भक्त आए। कथा समाप्त होने के बाद सड़कों पर श्रद्धालुओं का रेला दिखा और पड़ाव चौराहे के साथ आसपास का इलाका जाम हो गया। इससे पड़ाव से मुगलसराय, रामनगर और वाराणसी रूट की सड़कें चोक हो गईं।
पड़ाव चौराहे पर फंसे लोगों को किसी तरह निकाला गया। इसके लिए 35 स्कूली बसें लगानी पड़ी हैं। स्कूली वाहन से ही लोगों को बस और रोडवेज स्टेशन तक पहुंचाया गया। बताया गया कि लोग इतने ज्यादा थे कि सवारी वाहन कम पड़ गए।
एक प्लाटून पीएसी, सीओ, तीन इंस्पेक्टर ने संभाली व्यवस्था
डोमरी में कथा के समापन के बाद भीड़ उमड़ने का अंदेशा पुलिस को पहले से था। इसलिए एक प्लाटून पीएसी, तीन इंस्पेक्टर समेत 40 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। पीडीडीयू नगर मार्ग पर डांडी तक, रामनगर मार्ग पर सेमरा तक बैरिकेडिंग कराई गई थी।